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तेल पाइप परियोजना के विरोध में फिर लामबंद हुए किसान

Sat, 25 May 2019 10:52 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2019 10:52 PM IST
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तेल पाइप परियोजना के विरोध में फिर लामबंद हुए किसान
तेल पाइप परियोजना के विरोध में किसान लामबंद
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शहर से सटे घटैलागाजी में पाइप लाइन बिछाने का किया विरोध
मौके पर पहुंचे एएसडीएम ने की वार्ता, आज डीएम लगाएंगे चौपाल
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। तेल पाइप परियोजना के विरोध में ग्रामीण फिर लामबंद हो गए हैं। शनिवार को शहर से सटे घटैलागाजी गांव के किसानों ने परियोजना का विरोध करते हुए काम बाधित किया। वह 2018 के सर्किल रेट से मुआवजे की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एएसडीएम शशिभूषण ने वार्ता की। नियमों का हवाला देते हुए किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। अब रविवार को डीएम खुद गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की शिकायत सुनेंगे।
बिहार के सिवान से बैतालपुर तक इंडियन ऑयल तेल पाइप लाइन बिछा रहा है। वर्ष 2013 में स्वीकृत हुई यह परियोजना काफी विवादित रही। किसानों के बार-बार विरोध के चलते काम की गति सुस्त रही है। आलम यह है कि छह साल के लंबे समय बाद अब शहर के पास परियोजना के तहत पाइप लाइन बिछाई जा रही है। शनिवार को सुबह काम शुरू होते ही घटैलागाजी के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि पाइप लाइन के लिए ली जा रही जमीन के बदले उन्हें वर्ष 2013 के सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि अधिग्रहण अब हो रहा है। ऐसे में वह नए सर्किल रेट से ही मुआवजा लेेंगे।
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सूचना पर एएसडीएम शशिभूषण फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों से वार्ता की। नियमों का हवाला देते हुए बताया कि पाइप लाइन के लिए अधिग्रहण अन्य अधिग्रहण से अलग है। इसमें जमीन का पूरी तरह अधिग्रहण नहीं किया जाना है। भूमि का स्वामित्व किसान का रहेगा, बस उसके नीचे से पाइप ले जाई जाएगी। किसानों का कहना था कि जहां से पाइप जाएगी, उसके ऊपर वह कोई निर्माण करा पाएंगे और न ही कोई अन्य काम। फिर वह भूमि उनके किस काम की। यह शहर से सटी व्यावसायिक उपयोग की भूमि है। इसका वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा ही चाहिए।
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घंटे भर तक चली वार्ता विफल रही। बाद में तय हुआ कि रविवार को डीएम खुद गांव में आकर चौपाल लगाएंगे। विरोध जताने वालों में जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह, रत्नाकर सिंह, काशी तिवारी, सुरेश सिंह, राजू यादव, इब्राहिम आदि मौजूद रहे। इस बाबत एएसडीएम शशिभूषण का कहना था कि परियोजना की सभी बारीकियों के बारे में किसानों को समझाया गया है। रविवार को जिलाधिकारी भी गांव में चौपाल लगाएंगे। उन्होंने काम रोके जाने से इन्कार किया। बताया कि दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक काम हुआ है। इस परियोजना के तहत किसान काम नहीं रोक सकते।
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