{"_id":"5b3a5a9f4f1c1bde458b4569","slug":"151530550943-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश की भेंट चढ़ा स्कूल का पहला दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश की भेंट चढ़ा स्कूल का पहला दिन
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:35 PM IST
विज्ञापन
स्कूल खुलते ही विद्यालय भी हुए गुलजार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। करीब डेढ़ माह के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार को खुले ज्यादातर स्कूलों में पहला दिन बारिश की भेंट चढ़ गया। सुबह से हो रही रिमझिम बारिश से स्कूल आने वाले छात्रों की संख्या कम रही। परिषदीय स्कूलों में शिक्षक तो पहुंचे, लेकिन छात्र बेहद कम संख्या में नजर आए। मिड-डे मील भी कई जगहों पर नहीं बना। बारिश से परिसर झील में तब्दील रही तो कई जगह छतों से पानी टपकता रहा।
सोमवार से खुल रहे स्कूलों के लिए बच्चों ने रविवार से ही तैयारी कर ली थी। सुबह-सुबह बच्चों ने टाइम टेबल के अनुसार बैग सेट कर लिया था। पहला दिन होने के कारण अधिकांश अभिभावक खुद ही बच्चों को स्कूल छोड़ने गए। हालांकि कुछ अभिभावकों ने बारिश को देखकर बच्चों को अगले दिन जाने को कहा। शहर में सुबह में स्कूल वाहन व रिक्शा चालकों ने बारिश में प्लास्टिक की आड़ लेकर बच्चों को स्कूल लेकर आए। 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के सहारे स्कूल गए। डेढ़ माह बाद स्कूल खुलने पर पुराने दोस्त मिले तो सबके चेहरे खिले थे और गर्मी की छुट्टियों में सबने अपने-अपने अनुभव को शेयर किए। जिले के परिषदीय स्कूलों में पहले ही दिन कई शिक्षक समय से स्कूल नहीं पहुंचे। शहर के महाराणा प्रताप पूर्व माध्यमिक विद्यालय शास्त्रीनगर रामगुलाम टोले में तो ताला ही नहीं खुला। बारिश के चलते भले ही छात्र संख्या कम रही हो, लेकिन पठन-पाठन के लिए हर महीने मोटी रकम पाने वाले शिक्षक कई जगहों पर नदारद रहे। सलेमपुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मटियरा में प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश पहले ही दिन स्कूल से गायब रहे। सहायक अध्यापक गजानंद यादव, राजकुमारी देवी, प्रियंका और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता देवी स्कूल समय में मौजूद रहीं। हालांकि मौके पर एक छात्र भी यहां मौजूद नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय भरथुआ में सभी शिक्षक मौजूद रहे। प्रधानाध्यापक रजनी देवी ने बताया कि 15 बच्चों को खाना खिलाकर समय से पूर्व ही छोड़ दिया गया। हालांकि स्कूल परिसर में जलजमाव और शौचालय की गंदगी यहां आने वालों का मूड खराब करने के लिए काफी थी। प्राथमिक विद्यालय करौंदी में प्रधानाध्यापक किरन पुरी जीआईसी से निकलने वाली रैली में भाग लेने गई थीं। पहले दिन केवल सात छात्र यहां मौजूद रहे। प्राथमिक विद्यालय परसिया मिश्र में सहायक अध्यापक सुजाता मिश्रा ने बताया कि प्रधानाध्यापक रमावती देवी जिला मुख्यालय पर आयोजित रैली में गई हैं। 118 नामांकन में पहले दिन केवल पांच बच्चे स्कूल आए थे।
विज्ञापन
सोमवार से खुल रहे स्कूलों के लिए बच्चों ने रविवार से ही तैयारी कर ली थी। सुबह-सुबह बच्चों ने टाइम टेबल के अनुसार बैग सेट कर लिया था। पहला दिन होने के कारण अधिकांश अभिभावक खुद ही बच्चों को स्कूल छोड़ने गए। हालांकि कुछ अभिभावकों ने बारिश को देखकर बच्चों को अगले दिन जाने को कहा। शहर में सुबह में स्कूल वाहन व रिक्शा चालकों ने बारिश में प्लास्टिक की आड़ लेकर बच्चों को स्कूल लेकर आए। 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के सहारे स्कूल गए। डेढ़ माह बाद स्कूल खुलने पर पुराने दोस्त मिले तो सबके चेहरे खिले थे और गर्मी की छुट्टियों में सबने अपने-अपने अनुभव को शेयर किए। जिले के परिषदीय स्कूलों में पहले ही दिन कई शिक्षक समय से स्कूल नहीं पहुंचे। शहर के महाराणा प्रताप पूर्व माध्यमिक विद्यालय शास्त्रीनगर रामगुलाम टोले में तो ताला ही नहीं खुला। बारिश के चलते भले ही छात्र संख्या कम रही हो, लेकिन पठन-पाठन के लिए हर महीने मोटी रकम पाने वाले शिक्षक कई जगहों पर नदारद रहे। सलेमपुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मटियरा में प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश पहले ही दिन स्कूल से गायब रहे। सहायक अध्यापक गजानंद यादव, राजकुमारी देवी, प्रियंका और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता देवी स्कूल समय में मौजूद रहीं। हालांकि मौके पर एक छात्र भी यहां मौजूद नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय भरथुआ में सभी शिक्षक मौजूद रहे। प्रधानाध्यापक रजनी देवी ने बताया कि 15 बच्चों को खाना खिलाकर समय से पूर्व ही छोड़ दिया गया। हालांकि स्कूल परिसर में जलजमाव और शौचालय की गंदगी यहां आने वालों का मूड खराब करने के लिए काफी थी। प्राथमिक विद्यालय करौंदी में प्रधानाध्यापक किरन पुरी जीआईसी से निकलने वाली रैली में भाग लेने गई थीं। पहले दिन केवल सात छात्र यहां मौजूद रहे। प्राथमिक विद्यालय परसिया मिश्र में सहायक अध्यापक सुजाता मिश्रा ने बताया कि प्रधानाध्यापक रमावती देवी जिला मुख्यालय पर आयोजित रैली में गई हैं। 118 नामांकन में पहले दिन केवल पांच बच्चे स्कूल आए थे।
विज्ञापन