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बार-बार बवाल बवाल, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:27 PM IST
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जिला अस्पताल में हंगामे के बाद इलाज करते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। जिला अस्पताल में शनिवार की रात फिर बवाल हो गया। मरीज की मौत से गुस्साए घर वालों ने तोड़फोड़ की। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। दस दिनों में यह बवाल की दूसरी घटना है। इससे पहले लेखपाल की मौत के बाद भी परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए बवाल काटा था।
भलुअनी थाना क्षेत्र के पैकौली गांव निवासी लालू गुप्ता की 35 वर्षीय पत्नी प्रेमा देवी की तबीयत शनिवार को दोपहर में खराब हो गई। उसे मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया। आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण महिला की मौत हो गई। डॉक्टर राउंड पर भी नहीं आए। डॉ. नागेंद्र पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दौड़ा लिया। डॉक्टर ने भागकर अपनी जान बचाई और स्टाफ नर्सों को एक घंटे तक कमरे में छिपना पड़ा। देर रात इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. एनके पांडेय, बलिराम यादव को गाली देते हुए लोगों ने भला बुरा कहा। मामला बढ़ता देख डॉक्टर व कर्मचारी खिसक गए। पुलिस के पहुंचने के बाद उग्र लोग शांत हुए। इसकी वजह से इमरजेंसी सेवा ठप रही।
कोतवाल प्रभातेश श्रीवास्तव ने बताया कि रात को हंगामा हुआ था। नाराज लोगों को समझा बुझाकर शांत करा दिया गया। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, सीएमएस डॉ. छोटेलाल का कहना था कि डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप गलत है। डॉक्टर ने मरीज के उपचार में कोई कमी नहीं की थी।
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भलुअनी थाना क्षेत्र के पैकौली गांव निवासी लालू गुप्ता की 35 वर्षीय पत्नी प्रेमा देवी की तबीयत शनिवार को दोपहर में खराब हो गई। उसे मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया। आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण महिला की मौत हो गई। डॉक्टर राउंड पर भी नहीं आए। डॉ. नागेंद्र पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दौड़ा लिया। डॉक्टर ने भागकर अपनी जान बचाई और स्टाफ नर्सों को एक घंटे तक कमरे में छिपना पड़ा। देर रात इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. एनके पांडेय, बलिराम यादव को गाली देते हुए लोगों ने भला बुरा कहा। मामला बढ़ता देख डॉक्टर व कर्मचारी खिसक गए। पुलिस के पहुंचने के बाद उग्र लोग शांत हुए। इसकी वजह से इमरजेंसी सेवा ठप रही।
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कोतवाल प्रभातेश श्रीवास्तव ने बताया कि रात को हंगामा हुआ था। नाराज लोगों को समझा बुझाकर शांत करा दिया गया। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, सीएमएस डॉ. छोटेलाल का कहना था कि डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप गलत है। डॉक्टर ने मरीज के उपचार में कोई कमी नहीं की थी।
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