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धरातल पर विद्यालय नहीं, कागजों में चल रहा स्कूल
Updated Fri, 07 Jul 2017 10:19 PM IST
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सलेमपुर। लार ब्लॉक में दो ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं जो सिर्फ कागजों में संचालित हो रहे हैं। धरातल पर विद्यालय का भवन भी अपूर्ण है। भवन निर्माण पूरा नहीं होने की वजह विभागीय लापरवाही बताई जा रही है। दोनों में भवन प्रभारियों पर खानापूरी के लिए विभागीय कार्रवाई भी हो चुकी है।
परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार जहां प्रयासरत है, वहीं विभागीय जिम्मेदार इस पर पानी फेर रहे हैं। लार ब्लॉक के डुमरी गांव के हतवा टोले में वर्ष 2007-8 में लाखों की लागत से प्राथमिक विद्यालय का भवन निर्माण शुरू हुआ। इसके भवन प्रभारी विश्वनाथ यादव थे जो सिर्फ दीवार तैयार कर छोड़ दिए और शासन से मिले धन का बंदरबांट हो गया। इसके चलते हतवा के बच्चे आज भी करीब डेढ़ किमी दूरी डुमरी में पढ़ने जाते हैं। मामला फंसता देख विभागीय अफसर भवन प्रभारी के बचाव में इस गांव में दो शिक्षकों की तैनाती कर दी गई और बच्चों का नामांकन भी हो गया जो सिर्फ कागजों में संचालित होता है। इन दिनों इस विद्यालय पर शिक्षक अनिरुद्ध यादव की तैनाती है। शुक्रवार को रिपोर्टर गांव पहुंचा तो गांववाले शिक्षा विभाग के अफसरों को कोसते हुए बताया कि यहां कोई शिक्षक पढ़ाने के लिए नहीं आता है। इसके अलावा पहेतिया गांव में भी विद्यालय का भवन अधूरा है। यहां के भवन प्रभारी खालिद विभागीय अफसरों को गुमराह कर एक किसान की जमीन में भवन निर्माण शुरू करा दिया। कानूनी दांवपेंच के कारण अधूरा पड़ा है। बाद में विभागीय अफसर भवन प्रभारियों को नोटिस थमा वेतन रोकने की चेतावनी देते हैं। हतवा की प्रधान सुनीता देवी ने कहा कि हमारे गांव में कोई शिक्षक पढ़ाने नहीं आते हैं। पूर्व प्रधान और भवन प्रभारी सरकारी धन का गोलमाल किए हैं। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि गंभीर मामला है। विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
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परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार जहां प्रयासरत है, वहीं विभागीय जिम्मेदार इस पर पानी फेर रहे हैं। लार ब्लॉक के डुमरी गांव के हतवा टोले में वर्ष 2007-8 में लाखों की लागत से प्राथमिक विद्यालय का भवन निर्माण शुरू हुआ। इसके भवन प्रभारी विश्वनाथ यादव थे जो सिर्फ दीवार तैयार कर छोड़ दिए और शासन से मिले धन का बंदरबांट हो गया। इसके चलते हतवा के बच्चे आज भी करीब डेढ़ किमी दूरी डुमरी में पढ़ने जाते हैं। मामला फंसता देख विभागीय अफसर भवन प्रभारी के बचाव में इस गांव में दो शिक्षकों की तैनाती कर दी गई और बच्चों का नामांकन भी हो गया जो सिर्फ कागजों में संचालित होता है। इन दिनों इस विद्यालय पर शिक्षक अनिरुद्ध यादव की तैनाती है। शुक्रवार को रिपोर्टर गांव पहुंचा तो गांववाले शिक्षा विभाग के अफसरों को कोसते हुए बताया कि यहां कोई शिक्षक पढ़ाने के लिए नहीं आता है। इसके अलावा पहेतिया गांव में भी विद्यालय का भवन अधूरा है। यहां के भवन प्रभारी खालिद विभागीय अफसरों को गुमराह कर एक किसान की जमीन में भवन निर्माण शुरू करा दिया। कानूनी दांवपेंच के कारण अधूरा पड़ा है। बाद में विभागीय अफसर भवन प्रभारियों को नोटिस थमा वेतन रोकने की चेतावनी देते हैं। हतवा की प्रधान सुनीता देवी ने कहा कि हमारे गांव में कोई शिक्षक पढ़ाने नहीं आते हैं। पूर्व प्रधान और भवन प्रभारी सरकारी धन का गोलमाल किए हैं। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि गंभीर मामला है। विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
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