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रामजानकी मार्ग के करीब पहुंची सरयू, दहशत
Updated Wed, 08 Aug 2018 11:31 PM IST
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बरहज। सरयू नदी में पिछले 24 घंटे के अंतराल में एक बार फिर तेजी आई है। नदी के जलस्तर में करीब 10 सेमी का इजाफा हुआ है। इससे नदी का पानी रामजानकी मार्ग के करीब पहुंच गया है। जलस्तर में निरंतर हो रही वृद्धि से तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में दहशत है।
सरयू नदी करीब एक पखवारे से नगर सहित तटवर्ती गांव के लोगों को डरा रही है। जलस्तर में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले तीन दिनों में जलस्तर में नरमी आई थी। लेकिन मंगलवार की रात अचानक आई आफत से नदी का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 को पार करता हुआ 67.10 सेमी पर पहुंच गया है। जिससे बाढ़ का पानी थाना घाट पर बनी आखिरी सीढ़ी तक पहुंच गया है। जलस्तर में हुई बेतहाशा बढ़त के कारण नौका टोला गांव के रास्ते बाढ़ का पानी रामजानकी मार्ग के करीब झाबर सिंह के खेतों तक पहुंच गया है। नदी कटइलवा गांव की इंटरलॉकिंग सड़क के कटान की जगहों पर लगे बम्बो क्रेटों पर दबाव बना रही है। जबकि परसियां-विशुनपुर देवार के दर्जनों टोले पानी से घिर गये हैं। जबकि बाढ़ का पानी पुलिया के रास्ते परसियां तिवारी की ओर फैल रहा है। बाढ़ के पानी से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। गांव के देवेश सिंह, दिनेेश सिंह, मनोज यादव, श्याम यादव, रामबरन आदि का कहना है कि जलस्तर में ऐसे ही वृद्धि होती रही तो खेत बर्बाद हो जायेंगे। जबकि बाढ़ के आने से तबाही मच सकती है।
तुर्तीपार में नदी के रौद्र रुप से सहमे लोग
भागलपुर। सरयू का जलस्तर लगातार उफान पर है। बुधवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर रिकॉर्ड दर्ज किया गया। नदी का रौद्र रूप देख तटवर्ती गावों के लोगों मे दहशत बना हुआ है। तुर्तीपार रेग्युलेटर पर कल शाम को नदी चार बजे 64.50 मीटर पर बह रही थी। बुधवार को जलस्तर 64.60 मीटर रिकॉर्ड किया गया। 22 घंटे में 10 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार 24 घंटे में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई है जल स्तर में वृद्धि से और पानी बढ़ने की आशंका प्रबल हो गयी है। छित्तूपुर बंधे से पानी का रिसाव लगातार हो रहा है। वहीं देवरहा बाबा काठ मंच को पानी ने चारों तरफ से घेरना शुरू कर दिया है। महंत श्याम सुंदर दास महराज ने बताया कि प्रशासन बाढ़ आने के बाद जागता है। गत वर्ष भी बाढ़ से हम घिर गए थे, गायों को चारा का अभाव हो गया था। गाय बाढ़ के कारण मरने के कगार पर आ गई थी।
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सरयू नदी करीब एक पखवारे से नगर सहित तटवर्ती गांव के लोगों को डरा रही है। जलस्तर में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले तीन दिनों में जलस्तर में नरमी आई थी। लेकिन मंगलवार की रात अचानक आई आफत से नदी का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 को पार करता हुआ 67.10 सेमी पर पहुंच गया है। जिससे बाढ़ का पानी थाना घाट पर बनी आखिरी सीढ़ी तक पहुंच गया है। जलस्तर में हुई बेतहाशा बढ़त के कारण नौका टोला गांव के रास्ते बाढ़ का पानी रामजानकी मार्ग के करीब झाबर सिंह के खेतों तक पहुंच गया है। नदी कटइलवा गांव की इंटरलॉकिंग सड़क के कटान की जगहों पर लगे बम्बो क्रेटों पर दबाव बना रही है। जबकि परसियां-विशुनपुर देवार के दर्जनों टोले पानी से घिर गये हैं। जबकि बाढ़ का पानी पुलिया के रास्ते परसियां तिवारी की ओर फैल रहा है। बाढ़ के पानी से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। गांव के देवेश सिंह, दिनेेश सिंह, मनोज यादव, श्याम यादव, रामबरन आदि का कहना है कि जलस्तर में ऐसे ही वृद्धि होती रही तो खेत बर्बाद हो जायेंगे। जबकि बाढ़ के आने से तबाही मच सकती है।
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तुर्तीपार में नदी के रौद्र रुप से सहमे लोग
भागलपुर। सरयू का जलस्तर लगातार उफान पर है। बुधवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर रिकॉर्ड दर्ज किया गया। नदी का रौद्र रूप देख तटवर्ती गावों के लोगों मे दहशत बना हुआ है। तुर्तीपार रेग्युलेटर पर कल शाम को नदी चार बजे 64.50 मीटर पर बह रही थी। बुधवार को जलस्तर 64.60 मीटर रिकॉर्ड किया गया। 22 घंटे में 10 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार 24 घंटे में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई है जल स्तर में वृद्धि से और पानी बढ़ने की आशंका प्रबल हो गयी है। छित्तूपुर बंधे से पानी का रिसाव लगातार हो रहा है। वहीं देवरहा बाबा काठ मंच को पानी ने चारों तरफ से घेरना शुरू कर दिया है। महंत श्याम सुंदर दास महराज ने बताया कि प्रशासन बाढ़ आने के बाद जागता है। गत वर्ष भी बाढ़ से हम घिर गए थे, गायों को चारा का अभाव हो गया था। गाय बाढ़ के कारण मरने के कगार पर आ गई थी।
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