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हत्या के मामले में एक को उम्रकैद
Updated Thu, 13 Jul 2017 10:31 PM IST
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देवरिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-दो की अदालत ने एक हत्यारोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दूसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
वादी अधिवक्ता कमरूलज्जमां खां के अनुसार तरकुलवा थानाक्षेत्र के मुजहना घाट गांव के लक्ष्मी मद्देशिया के इकलौते बेटे रामभगत की 27 मई 2011 को गांव के काली मंदिर के पास लाठी, डंडा और चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान वह अपने किराने की दुकान को खोलने के लिए लंगड़ा चौराहे जा रहे थे। चचेरे भाई रामभवन ने तरकुलवा थाने में गांव के ही अमरनाथ गुप्ता, किशन ऊर्फ विक्की और हरेराम गुप्ता के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश का केस दर्ज कराया था। हरेराम की उम्र कम थी। इसलिए उसका मामला किशोर न्यायालय में लंबित है। वहीं, अमरनाथ और किशन ऊर्फ विक्की का मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अमरनाथ को हत्या का दोषी पात हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उसे एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। इसमें से आधी रकम पीड़ित के परिवारवालों को देना है। किशन संदेह के आधार पर दोषमुक्त हो गया। अमरनाथ चार जून 2011 से ही जेल में बंद है।
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वादी अधिवक्ता कमरूलज्जमां खां के अनुसार तरकुलवा थानाक्षेत्र के मुजहना घाट गांव के लक्ष्मी मद्देशिया के इकलौते बेटे रामभगत की 27 मई 2011 को गांव के काली मंदिर के पास लाठी, डंडा और चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान वह अपने किराने की दुकान को खोलने के लिए लंगड़ा चौराहे जा रहे थे। चचेरे भाई रामभवन ने तरकुलवा थाने में गांव के ही अमरनाथ गुप्ता, किशन ऊर्फ विक्की और हरेराम गुप्ता के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश का केस दर्ज कराया था। हरेराम की उम्र कम थी। इसलिए उसका मामला किशोर न्यायालय में लंबित है। वहीं, अमरनाथ और किशन ऊर्फ विक्की का मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अमरनाथ को हत्या का दोषी पात हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उसे एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। इसमें से आधी रकम पीड़ित के परिवारवालों को देना है। किशन संदेह के आधार पर दोषमुक्त हो गया। अमरनाथ चार जून 2011 से ही जेल में बंद है।
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