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एसपी के खिलाफ पूर्व अध्यक्ष ने परिवाद दाखिल किया
Updated Fri, 10 Nov 2017 10:18 PM IST
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देवरिया। अधिवक्ताओं के खिलाफ टिप्पणी करना एसपी को महंगा पड़ा। इससे आहत जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। इस मामले में पूर्व अध्यक्ष का बयान गुरुवार को सीजीएम ने दर्ज किया।
एसपी राकेश शंकर ने अधिवक्ताओं पर वादकारियों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए लोगों को सतर्क रहने की सुझाव दिया था। यह बात 30 सितंबर-2017 को एक समाचार पत्र में भी प्रकाशित हुआ था। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने बैठक कर इसकी निंदा करते हुए एसपी को नोटिस देकर माफी मांगने की मांग की थी। एसपी ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। एसपी कार्यालय में पीड़ितों की तहरीर लिखने के लिए सिपाहियों की ड्यूटी लगाने की बात कहते हुए अधिवक्ताओं के पास इसके लिए नहीं जाने को कहा था। एसपी ने कहा था कि अधिवक्ता फीस के रूप में पीड़ितों का गहना भी बंधक रखवा देते हैं और 500 से 1000 रुपये फीस वसूलते हैं। इसके अलावा घटना से हटकर प्रार्थना पत्र लिखते है। इसको लेकर वकीलों में नाराजगी है। नौ नवंबर को एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में एसपी के खिलाफ परिवाद दाखिल कर अपना बयान दर्ज कराया।
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एसपी राकेश शंकर ने अधिवक्ताओं पर वादकारियों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए लोगों को सतर्क रहने की सुझाव दिया था। यह बात 30 सितंबर-2017 को एक समाचार पत्र में भी प्रकाशित हुआ था। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने बैठक कर इसकी निंदा करते हुए एसपी को नोटिस देकर माफी मांगने की मांग की थी। एसपी ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। एसपी कार्यालय में पीड़ितों की तहरीर लिखने के लिए सिपाहियों की ड्यूटी लगाने की बात कहते हुए अधिवक्ताओं के पास इसके लिए नहीं जाने को कहा था। एसपी ने कहा था कि अधिवक्ता फीस के रूप में पीड़ितों का गहना भी बंधक रखवा देते हैं और 500 से 1000 रुपये फीस वसूलते हैं। इसके अलावा घटना से हटकर प्रार्थना पत्र लिखते है। इसको लेकर वकीलों में नाराजगी है। नौ नवंबर को एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में एसपी के खिलाफ परिवाद दाखिल कर अपना बयान दर्ज कराया।
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