{"_id":"596f99b94f1c1baa398b4577","slug":"121500486073-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समायोजन के नियम से शिक्षकों में नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समायोजन के नियम से शिक्षकों में नाराजगी
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। परिषदीय विद्यालयों में चल रहे समायोजन को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। स्पष्ट आदेश के बाद भी विषय विशेषज्ञों का समायोजन दूसरे ब्लॉक में किया जा रहा है। बुधवार को हुई काउंसलिंग में शिक्षकों से तीन विद्यालयों का विकल्प लिया गया है।
शासन की ओर से सरप्लस अध्यापकों के समायोजन का आदेश दिया गया। इसके तहत जिले में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का समायोजन चल रहा है। शासन का यह भी आदेश था कि विषय विशेषज्ञों को नहीं हटाया जाएगा। इसके बाद भी ऐसे शिक्षकों की काउंसलिंग कराई गई है। उनका समायोजन दूसरे ब्लॉक के विद्यालयों पर किया जाएगा। इससे शिक्षकों में नाराजगी है। एक शिक्षक ने बताया कि सभी से तीन विद्यालयों का विकल्प मांगा गया है। इसमें महिला, विधवा और विकलांग को वरीयता दी जाएगी। यदि पुरूष शिक्षक का विकल्प दिया गया विद्यालय भर जाए तो वे कहां भेजे जाएंगे। यह समायोजन ही पूरी तरह से गलत है। जिले में छात्रों की संख्या के हिसाब से 2424 अध्यापक सरप्लस हो रहे हैं। इसमें से 85 शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों के है शेष जूनियर विद्यालय के हैं। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार का कहना है कि सरप्लस शिक्षकों के बारे में कोई स्पष्ट आदेेश नहीं है। शासन को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी मांगी गई है।
विज्ञापन
शासन की ओर से सरप्लस अध्यापकों के समायोजन का आदेश दिया गया। इसके तहत जिले में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का समायोजन चल रहा है। शासन का यह भी आदेश था कि विषय विशेषज्ञों को नहीं हटाया जाएगा। इसके बाद भी ऐसे शिक्षकों की काउंसलिंग कराई गई है। उनका समायोजन दूसरे ब्लॉक के विद्यालयों पर किया जाएगा। इससे शिक्षकों में नाराजगी है। एक शिक्षक ने बताया कि सभी से तीन विद्यालयों का विकल्प मांगा गया है। इसमें महिला, विधवा और विकलांग को वरीयता दी जाएगी। यदि पुरूष शिक्षक का विकल्प दिया गया विद्यालय भर जाए तो वे कहां भेजे जाएंगे। यह समायोजन ही पूरी तरह से गलत है। जिले में छात्रों की संख्या के हिसाब से 2424 अध्यापक सरप्लस हो रहे हैं। इसमें से 85 शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों के है शेष जूनियर विद्यालय के हैं। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार का कहना है कि सरप्लस शिक्षकों के बारे में कोई स्पष्ट आदेेश नहीं है। शासन को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी मांगी गई है।
विज्ञापन