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कमजोर लोगों के लिए काम करें
अमर उजाला चित्रकूट
Updated Sun, 26 Jun 2016 11:22 PM IST
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प्रोफेसर वीके शुक्ला को सम्मानित करते डा. बीके जैन
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय एवं जानकीकुंड चिकित्सालय ने मानव सेवा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। चिकित्सा के कुछ विभाग एक दूसरे की मदद से मरीजोें का इलाज करेंगे।
जानकीकुंड चिकित्सालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बीएचयू के मेडिकल साइंस के डायरेक्टर प्रोफेसर वीके शुक्ला ने कहा कि दोनों ही संस्थाओं का मिशन एक है। जो उद्देश्य रणछोड़दासजी महाराज का था वही पंडित मदन मोहन मालवीय का भी था। सद्गुरु की तरह बीएचयू भी गांवों में जाकर गरीब ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहती है। जानकीकुंड चिकित्सालय में मरीजों की बढ़ती संख्या यहां की सच्ची सेवा को दर्शाता है। दोनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगी तो हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत आगे जा सकते हैं।
नेत्र चिकित्सा के माध्यम से प्रति वर्ष डेढ़ लाख सर्जरी होने से इतना अच्छा परिणाम मरीज को मिल रहा है। गांधीवादी एसएन सुब्बाराव व समाज सेवी दीनानाथ झुनझुनवाला ने कहा गरीबों को दवा, सर्जरी के लिए भटकने की जरूरत नहीं है। इन संस्थाओं के प्रयास से यह मिशन आगे बढ़ रहा है। जीवन में जो भी संकल्प लें उसे पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। इस मौके पर डा. बीएन मिश्रा, डा. धर्मेंद्र जैन, डा. नीरज अग्रवाल, डा. बीके जैन, डा. इलेश जैन, डा. एबीएस राजपूत व राजेंद्र मिश्रा आदि रहे।
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जानकीकुंड चिकित्सालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बीएचयू के मेडिकल साइंस के डायरेक्टर प्रोफेसर वीके शुक्ला ने कहा कि दोनों ही संस्थाओं का मिशन एक है। जो उद्देश्य रणछोड़दासजी महाराज का था वही पंडित मदन मोहन मालवीय का भी था। सद्गुरु की तरह बीएचयू भी गांवों में जाकर गरीब ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहती है। जानकीकुंड चिकित्सालय में मरीजों की बढ़ती संख्या यहां की सच्ची सेवा को दर्शाता है। दोनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगी तो हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत आगे जा सकते हैं।
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नेत्र चिकित्सा के माध्यम से प्रति वर्ष डेढ़ लाख सर्जरी होने से इतना अच्छा परिणाम मरीज को मिल रहा है। गांधीवादी एसएन सुब्बाराव व समाज सेवी दीनानाथ झुनझुनवाला ने कहा गरीबों को दवा, सर्जरी के लिए भटकने की जरूरत नहीं है। इन संस्थाओं के प्रयास से यह मिशन आगे बढ़ रहा है। जीवन में जो भी संकल्प लें उसे पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। इस मौके पर डा. बीएन मिश्रा, डा. धर्मेंद्र जैन, डा. नीरज अग्रवाल, डा. बीके जैन, डा. इलेश जैन, डा. एबीएस राजपूत व राजेंद्र मिश्रा आदि रहे।
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