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चित्रकूट: बागे नदी में बालक डूबा, दो बच्चियों को बचाया, महाबुलिया विसर्जन करने गए थे भाई-बहन समेत तीनों बच्चे
Wed, 07 Oct 2026 09:33 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 07 Oct 2026 09:33 PM IST
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मौके पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
ओरा गांव में बुधवार शाम महाबुलिया विसर्जन करने गए भाई-बहन सहित तीन बच्चे बागे नदी में डूब गए। ग्रामीणों ने दो बच्चियों को तो किसी तरह बचा लिया गया, जबकि एक बच्चे का पता नहीं चल सका। पुलिस ने गोताखोरों से तलाश कराई, लेकिन उसकी जानकारी नहीं हुई। अब बृहस्पतिवार को उसकी तलाश की जाएगी।
ओरा गांव निवासी अनिल मिश्रा ने बताया कि बुधवार की शाम करीब छह बजे उनकी बेटी बेटू (12), बेटा शिवांश उर्फ शिवम (10) और पड़ोस की प्राची (10) सहित कई अन्य बच्चे बागे नदी में महाबुलिया का विसर्जन करने गए थे। वहां विसर्जन के समय तीनों डूब गए। अन्य बच्चों ने शोर मचाया, तभी ग्रामीण लेखपाल, ननकवा रैदास ने कूद कर एक-एक कर बेटू और प्राची को बाहर निकाला। शिवम की तलाश की, लेकिन उसके बारे में कोई पता नहीं चल सका। थाना प्रभारी निशि कांत राय ने बताया कि घटना की जानकारी देर से मिली है। मौके पर गोताखोरों को खोजबीन में लगाया गया, लेकिन अंधेरा होने की वजह से नदी में कुछ समझ नहीं आ रहा था। अब बृहस्पतिवार को खोजबीन की जाएगी।
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ओरा गांव निवासी अनिल मिश्रा ने बताया कि बुधवार की शाम करीब छह बजे उनकी बेटी बेटू (12), बेटा शिवांश उर्फ शिवम (10) और पड़ोस की प्राची (10) सहित कई अन्य बच्चे बागे नदी में महाबुलिया का विसर्जन करने गए थे। वहां विसर्जन के समय तीनों डूब गए। अन्य बच्चों ने शोर मचाया, तभी ग्रामीण लेखपाल, ननकवा रैदास ने कूद कर एक-एक कर बेटू और प्राची को बाहर निकाला। शिवम की तलाश की, लेकिन उसके बारे में कोई पता नहीं चल सका। थाना प्रभारी निशि कांत राय ने बताया कि घटना की जानकारी देर से मिली है। मौके पर गोताखोरों को खोजबीन में लगाया गया, लेकिन अंधेरा होने की वजह से नदी में कुछ समझ नहीं आ रहा था। अब बृहस्पतिवार को खोजबीन की जाएगी।
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