{"_id":"6ac687ad56bde1608b06f0b1","slug":"crossing-the-small-bridge-at-ramghat-is-dangerous-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-137355-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: रामघाट के छोटे पुल को पार करना खतरनाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: रामघाट के छोटे पुल को पार करना खतरनाक
Wed, 07 Oct 2026 11:25 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
07 सीकेटीपी-12-छोटे पुल से निकलते वाहन। संवाद
चित्रकूट। मंदाकिनी में आई बाढ़ जरूर कम हो गई है, लेकिन रामघाट से नयागांव और हनुमान धारा को जोड़ने वाले छोटे पुल पर चलना खतरे भरा है।
बाढ़ के दौरान पुल के ऊपर से 11 से अधिक बार पानी निकल चुका है। विशेषज्ञ इस पर चलने के लिए मना कर रहे हैं, जबकि चार पहिया वाहनों की आवाजाही जारी है।
भीषण बाढ़ से 29 अगस्त को रामघाट से नयागांव और हनुमान धारा को जोड़ने वाला प्राचीन पुल ढह गया था। तब से यही छोटा पुल आवाजाही का जरिया बना है। पहले जिस पुल से सिर्फ बाइक या साइकिल निकलती थी, वहां अब चार पहिया वाहन और टेंपो फर्राटा भर रहे हैं।
इंजीनियरों की माने तो पुल के ऊपर से पानी गुजरने के बाद उसके बेयरिंग में पानी चला जाता है, जिससे पुल की मजबूती पर असर पड़ता है। 11 बार बाढ़ झेल चुका पुल खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद वाहनों की आवाजाही जारी है।
स्थानीय निवासी हरी मिश्रा, कैलाश चंद्र और संतोष सिंह ने बताया कि शाम को हालात और बिगड़ जाते हैं। आरती स्थल तक पहुंचने में आधे घंटे लगते हैं। आने-जाने के दौरान वाहन पुल पर आमने-सामने फंस जाते हैं।
विज्ञापन
-- -- -- --
अब नहीं निकलने चाहिए वाहन
रामघाट के छोटे पुल पर अगर 11 बार से अधिक पानी गुजर चुका है तो बेयरिंग में पानी पहुंचने से पुल की स्थिति प्रभावित हो सकती है। अब पुल से वाहनों का निकलना सुरक्षित नहीं है।
- अखंड सिंह, सहायक अभियंता, नेशनल हाईवे।
-- -- -- --
वर्जन
बैरिकेडिंग से करेंगे नियंत्रित
पुल पर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन नियंत्रित किया जाएगा। एक-एक वाहन को निकाला जाएगा। सवारी वाहनों से यात्रियों को उतारकर पैदल पुल पार कराया जाएगा, जिससे कोई हादसा न हो
- अजय यादव, एसडीएम, कर्वी।
विज्ञापन
बाढ़ के दौरान पुल के ऊपर से 11 से अधिक बार पानी निकल चुका है। विशेषज्ञ इस पर चलने के लिए मना कर रहे हैं, जबकि चार पहिया वाहनों की आवाजाही जारी है।
भीषण बाढ़ से 29 अगस्त को रामघाट से नयागांव और हनुमान धारा को जोड़ने वाला प्राचीन पुल ढह गया था। तब से यही छोटा पुल आवाजाही का जरिया बना है। पहले जिस पुल से सिर्फ बाइक या साइकिल निकलती थी, वहां अब चार पहिया वाहन और टेंपो फर्राटा भर रहे हैं।
इंजीनियरों की माने तो पुल के ऊपर से पानी गुजरने के बाद उसके बेयरिंग में पानी चला जाता है, जिससे पुल की मजबूती पर असर पड़ता है। 11 बार बाढ़ झेल चुका पुल खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद वाहनों की आवाजाही जारी है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी हरी मिश्रा, कैलाश चंद्र और संतोष सिंह ने बताया कि शाम को हालात और बिगड़ जाते हैं। आरती स्थल तक पहुंचने में आधे घंटे लगते हैं। आने-जाने के दौरान वाहन पुल पर आमने-सामने फंस जाते हैं।
विज्ञापन
अब नहीं निकलने चाहिए वाहन
रामघाट के छोटे पुल पर अगर 11 बार से अधिक पानी गुजर चुका है तो बेयरिंग में पानी पहुंचने से पुल की स्थिति प्रभावित हो सकती है। अब पुल से वाहनों का निकलना सुरक्षित नहीं है।
- अखंड सिंह, सहायक अभियंता, नेशनल हाईवे।
वर्जन
बैरिकेडिंग से करेंगे नियंत्रित
पुल पर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन नियंत्रित किया जाएगा। एक-एक वाहन को निकाला जाएगा। सवारी वाहनों से यात्रियों को उतारकर पैदल पुल पार कराया जाएगा, जिससे कोई हादसा न हो
- अजय यादव, एसडीएम, कर्वी।

07 सीकेटीपी-12-छोटे पुल से निकलते वाहन। संवाद