{"_id":"5fa433238ebc3e9b8c5d79bf","slug":"three-firecrackers-will-not-shop-in-chitrakoot-this-time-chitrakutt-news-knp592654637","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूट में तीन पटाखा दुकानदार इस बार नहीं लगाएंगे दुकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूट में तीन पटाखा दुकानदार इस बार नहीं लगाएंगे दुकान
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिले में दीपावली के पहले पटाखे की दुकानदारों पर लॉकडाउन का असर दिख रहा है। इस साल कुल 27 दुकानदारों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है लेकिन सभी दुकानदार इस लंबी व चक्कर लगाने वाली प्रक्रिया से बेहद निराश हैं। ज्यादातर दुकानदारों का कहना है कि तीन दिन से सरकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं कभी अधिकारी नहीं मिलते तो कभी कार्यालय के लिपिक बाद में आने को कहते हैं। इसका नतीजा है कि इस बार मुख्यालय के तीन दुकानदारों ने दुकान ही न लगाने का फैसला लिया है।
जिले के पटाखा व्यापारी मो. लतीफ, मो. इदरीश, हक्कू आतिशबाज, शकील, संदीप गुप्ता, राजकुमार, लड्डन आदि ने बताया कि महंगाई के चलते पटाखों की बिक्री में दम नहीं है। देशावर से नगद रुपये देकर माल लाते हैं लेकिन पूरी बिक्री न होने से घाटे का सौदा बन जाता है। वह तो पूरे साल में यदाकदा अवसरों व शादी विवाह में पटाखे बेच लेते हैं तो कुछ आमदनी हो जाती है। दुकानदारों का कहना कि दीपावली पर लाइसेंस की प्रक्रिया इतनी जटिल व चक्कर लगाने वाली रहती है कि कई लोग मजबूरन रिश्वत तक देने को तैयार हो जाते हैं। बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंचे दुकानदार मो. शहजादे व अन्य ने बताया कि लाइसेंस पाने को आवेदन में रिपोर्ट लगवाने को भटक रहे हैं।
बताया कि कुल 30 लाइसेंस बीते साल बने थे लेकिन इस बार तीन दुकानदारों ने लाइसेंस बनवाने से हाथ खडे़ कर दिए हैं। इस संबंध में सदर एसडीएम रामप्रकाश ने बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार ही लाइसेंस बनाने का काम किया जाता है। यह सब संवेदनशील मामले होते हैं जिसमें जांच पड़ताल व लाइसेंस मांगने वाले के कागजात भी जरूरी होते हैं। कई विभागों के अधिकारियों की रिपोर्ट लगती है। उनके कार्यालय से किसी को परेशान नहीं किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। जिले में दीपावली के पहले पटाखे की दुकानदारों पर लॉकडाउन का असर दिख रहा है। इस साल कुल 27 दुकानदारों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है लेकिन सभी दुकानदार इस लंबी व चक्कर लगाने वाली प्रक्रिया से बेहद निराश हैं। ज्यादातर दुकानदारों का कहना है कि तीन दिन से सरकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं कभी अधिकारी नहीं मिलते तो कभी कार्यालय के लिपिक बाद में आने को कहते हैं। इसका नतीजा है कि इस बार मुख्यालय के तीन दुकानदारों ने दुकान ही न लगाने का फैसला लिया है।
जिले के पटाखा व्यापारी मो. लतीफ, मो. इदरीश, हक्कू आतिशबाज, शकील, संदीप गुप्ता, राजकुमार, लड्डन आदि ने बताया कि महंगाई के चलते पटाखों की बिक्री में दम नहीं है। देशावर से नगद रुपये देकर माल लाते हैं लेकिन पूरी बिक्री न होने से घाटे का सौदा बन जाता है। वह तो पूरे साल में यदाकदा अवसरों व शादी विवाह में पटाखे बेच लेते हैं तो कुछ आमदनी हो जाती है। दुकानदारों का कहना कि दीपावली पर लाइसेंस की प्रक्रिया इतनी जटिल व चक्कर लगाने वाली रहती है कि कई लोग मजबूरन रिश्वत तक देने को तैयार हो जाते हैं। बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंचे दुकानदार मो. शहजादे व अन्य ने बताया कि लाइसेंस पाने को आवेदन में रिपोर्ट लगवाने को भटक रहे हैं।
विज्ञापन
बताया कि कुल 30 लाइसेंस बीते साल बने थे लेकिन इस बार तीन दुकानदारों ने लाइसेंस बनवाने से हाथ खडे़ कर दिए हैं। इस संबंध में सदर एसडीएम रामप्रकाश ने बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार ही लाइसेंस बनाने का काम किया जाता है। यह सब संवेदनशील मामले होते हैं जिसमें जांच पड़ताल व लाइसेंस मांगने वाले के कागजात भी जरूरी होते हैं। कई विभागों के अधिकारियों की रिपोर्ट लगती है। उनके कार्यालय से किसी को परेशान नहीं किया जाता है।
विज्ञापन