फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   The work of science and nature in the field of rural development

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में विज्ञान और प्रकृति के हो रहे काम

Thu, 06 Dec 2018 10:46 PM IST
चित्रकूट
चित्रकूट Updated Thu, 06 Dec 2018 10:46 PM IST
विज्ञापन
The work of science and nature in the field of rural development
राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में गुरुवार को नेशनल एकेडमी आफ  साइसेंस इंडिया(नासी) की राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। इसमें नासी के अध्यक्ष प्रो. अनिल काकोडकर ने कहा कि देश में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में विज्ञान के साथ प्रकृति के प्रवृत्ति के काम हो रहे हैं। इनसे देश में लगातार ग्रामीण विकास की संभावनाएं बनी हैं। सभी कामों मेें विज्ञान की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
विज्ञापन



 तीन दिवसीय संगोष्ठी के पहले दिन भारत सरकार की पूर्व सचिव एवं संगोष्ठी की आयोजक प्रो. मंजू शर्मा ने कहा कि ग्रामीण एवं वैज्ञानिकों के मध्य तालमेल स्थापित करने से कारगर परिणाम मिलते हैं। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र राघव बंसल ने कहा कि इस आयोजन से क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए अवसर मिलेगा।
विज्ञापन



देश के वैज्ञानिक आईआईएससी बंगलौर के प्रो. नवाकांत भट्ट, आईआईटी मुंबई के प्रो. रोहित श्रीवास्तव, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. प्रलय मैत्री को भौतिकीय विज्ञान के लिए और आईसीपीटी तंजौर के डॉ. सी. आनंदधर्मा कृष्णनन, नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर गुरुग्राम के प्रो. नंदनी चटर्जी और जाधवपुर विश्वविद्यालय कोलकता के डॉ. पुलक कुमार मुखर्जी को जैविकीय विज्ञान क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए नासी रिलाइंस इंडस्ट्रीज प्लेटिनम जुबली अवार्ड 2018 से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



 विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेशचंद्र गौतम ने कहा कि आयोजक मंडल देश के नामचीन वैज्ञानिकों को चित्रकूट जैसे ग्रामीण क्षेत्र में पाकर अभिभूत हैं। इस संगोष्ठी में 400 से अधिक वैज्ञानिक, शिक्षाविद व शोधार्थी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। लगभग 1200 विज्ञान प्रेमियों की उपस्थिति राष्ट्र स्तरीय इस आयोजन में रहेगी।


संगोष्ठी के पास ही चित्रकूट की पहचान के रूप में दीनदयाल शोध संस्थान में बनाई जा रही वन औषधियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है।
 
विज्ञान अकादमी की राष्ट्रीय संगोष्ठी में शुक्रवार को शोधार्थी अपने शोध पत्र पुरस्कार प्राप्त वैज्ञानिकों के सामने रखेंगे। इसके अलावा वैज्ञानिक उद्यमिता कौशल शिक्षा, तकनीकी प्रौद्योगिकी, सतत ग्रामीण विकास में विज्ञान की भूमिका और पारिस्थितिकी तंत्र विषय पर जानकारी देंगे। इसके अलावा कृषि मेला भी आयोजित होगा।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed