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Chitrakoot News: रपटा टूटा, कमर तक के पानी से होकर गांव जाते ग्रामीण
Tue, 05 Aug 2025 09:20 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 05 Aug 2025 09:20 PM IST
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चित्रकूट। गांव के रास्ता निर्माण, बरुआ नाला में पुल व प्राइमरी स्कूल चालू करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बताया कि रपटा टूटा होने से कमर तक के पानी से होकर गांव आना जाना पड़ता है। ग्राम प्रधान पर गांव में पक्के रास्ते न बनवाने का आरोप लगाया। एडीएम को टूटे रपटे व भरे पानी का वीडियो दिखाकर ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
सदर विकास खंड के टिटिहरा के मजरा गडरियन का पुरवा निवासी भइयालाल ने बताया कि उनके मजरे की करीब 500 की आबादी है। इसके लिए रास्ता नहीं है। आने जाने के लिए बरुआ नाला में करीब 10 साल पहले रपटा बनाया गया था लेकिन रपटा का काम अधूरा छोड़कर ठेकेदार भाग गया था। बारिश में जो बना था, उसका भी कुछ हिस्सा बह गया। बताया कि मजरे में बने प्राइमरी स्कूल को करीब छह माह पहले बंद कर दिया गया। इससे बच्चों को दो किमी दूर टिटिहरा के स्कूल में पढ़ने जाना पड़ता है। बारिश शुरु होते ही नाला में बाढ़ आ गई है।
करीब 20 दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। कुछ ग्रामीण अपने बच्चों को कंधे पर बैठा कर नाला पर कराते हैं। तब बच्चे स्कूल जाते हैं। 75 में आधे से मात्र 20 बच्चे ही बमुश्किल से स्कूल जा पाते हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी गांव में विकास कार्य न कराने का आरोप लगाया है। इस मौके पर चुनबाद, टिर्रा, जगदीश, दिनेश, बु्द्धराज, बृजभूषण, बब्बू, कुलदीप, माताप्रसाद, बसंतलाल, लवलेश, चंद्रभवन सहित अन्य ग्रामीण रहे।
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सदर विकास खंड के टिटिहरा के मजरा गडरियन का पुरवा निवासी भइयालाल ने बताया कि उनके मजरे की करीब 500 की आबादी है। इसके लिए रास्ता नहीं है। आने जाने के लिए बरुआ नाला में करीब 10 साल पहले रपटा बनाया गया था लेकिन रपटा का काम अधूरा छोड़कर ठेकेदार भाग गया था। बारिश में जो बना था, उसका भी कुछ हिस्सा बह गया। बताया कि मजरे में बने प्राइमरी स्कूल को करीब छह माह पहले बंद कर दिया गया। इससे बच्चों को दो किमी दूर टिटिहरा के स्कूल में पढ़ने जाना पड़ता है। बारिश शुरु होते ही नाला में बाढ़ आ गई है।
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करीब 20 दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। कुछ ग्रामीण अपने बच्चों को कंधे पर बैठा कर नाला पर कराते हैं। तब बच्चे स्कूल जाते हैं। 75 में आधे से मात्र 20 बच्चे ही बमुश्किल से स्कूल जा पाते हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी गांव में विकास कार्य न कराने का आरोप लगाया है। इस मौके पर चुनबाद, टिर्रा, जगदीश, दिनेश, बु्द्धराज, बृजभूषण, बब्बू, कुलदीप, माताप्रसाद, बसंतलाल, लवलेश, चंद्रभवन सहित अन्य ग्रामीण रहे।
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