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सर्दी का कहर झेल रहे बेजुबान
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फोटो-16 आर - बगरेही गांव की गोशाला में मौजूद मवेशी
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। जिले में खुली गोशालाओं में किए गए इंतजाम भीषण ठंड के कारण ना काफ ी साबित हो रहे हैं। गोशालाओं में कीचड़ व गंदगी फैली है। गोबर का कीचड़ होने से पूरी-पूरी रात मवेशी खड़े ही गुजार रहे हैं। गंदगी के चलते कई जगह मवेशी बीमार भी हो रहे हैं।
जिले में 270 आश्रय केंद्र सहित अस्थायी व स्थायी गोशालाएं हैं। जिसमें आश्रय केंद्र व अस्थाई गोशालाओं में चारो तरफ से कटीले तार लगाए गए हैं। इसके बाद बांस के सहारे पन्नी को चारो तरफ से लगा दिया गया है। ताकि मवेशियों को बचाया जा सके। कई गोशालाओं में गंदगी होने व कीचड़ होने से मवेशी बीमार हो रहे हैं।
आए दिन दुर्घटना में मरते हैं मवेशी
चित्रकूट। गोशालों में मवेशियों के देखभाल के लिए कर्मचारियों की ग्राम पंचायताें की तरफ से ड्यूटी लगाई गई। इसके बाद भी आए दिन मवेशी भाग जाते हैं। जिसमें कई मवेशियों की सड़क दुर्घटना व ट्रेन से कट जाने से मौत भी हो रही है। दो दिन पहले ट्रेन से तीन मवेशियों के कट जाने से मौत हो गई।
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चारा भूसा के लिए नहीं मिलती धनराशि
चित्रकूट। गोशालाओं में मवेशियों को चारा भूसा मिलने वाली धनराशि समय से न मिलने की शिकायतें ग्राम प्रधान करते हैं। ग्राम सचिव भी गोशाला की व्यवस्था की जिम्मेदारी देने पर नाराजगी जताते हुए धरना व प्रदर्शन कर चुके हैं। जिले की बरगढ़ ग्राम पंचायत में 300 मवेशी है। जिसमें तीन कर्मचारी मवेशियों की देखभाल के लिए लगाए गए हैं। इसके अलावा गोशाला में पन्नी भी लगाई गई है। इसी तरह से अकबरपुर ग्राम पंचायत की गोशाला में 200 मवेशी हैं।
गोशालाओं में नहीं पर्याप्त इंतजाम
चित्रकूट। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह, मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह आदि का कहना कि पर्याप्त इंतजाम गोशालाओं में नहीं है। इसके साथ ही बनाई जा रही स्थायी गोशालाएं समय से नहीं बनाई जा रही हैं। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि ठंड को देखते हुए सभी गोशालाओं में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। रोजाना पशु डाक्टरों की टीम भी गोशालाओं का निरीक्षण करने जाती है। जिला पशु चिकित्साधिकारी केपी यादव ने बताया कि कई गोशालाओं में मवेशी बीमार हैं जिनका इलाज कराया जा रहा है।
- पशु आश्रय केंद्र - 270
- अस्थायी - 253
- स्थायी पशु आश्रय केंद्र - 17
- कुल मवेशियों की संख्या - 27494
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जिले में 270 आश्रय केंद्र सहित अस्थायी व स्थायी गोशालाएं हैं। जिसमें आश्रय केंद्र व अस्थाई गोशालाओं में चारो तरफ से कटीले तार लगाए गए हैं। इसके बाद बांस के सहारे पन्नी को चारो तरफ से लगा दिया गया है। ताकि मवेशियों को बचाया जा सके। कई गोशालाओं में गंदगी होने व कीचड़ होने से मवेशी बीमार हो रहे हैं।
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आए दिन दुर्घटना में मरते हैं मवेशी
चित्रकूट। गोशालों में मवेशियों के देखभाल के लिए कर्मचारियों की ग्राम पंचायताें की तरफ से ड्यूटी लगाई गई। इसके बाद भी आए दिन मवेशी भाग जाते हैं। जिसमें कई मवेशियों की सड़क दुर्घटना व ट्रेन से कट जाने से मौत भी हो रही है। दो दिन पहले ट्रेन से तीन मवेशियों के कट जाने से मौत हो गई।
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चारा भूसा के लिए नहीं मिलती धनराशि
चित्रकूट। गोशालाओं में मवेशियों को चारा भूसा मिलने वाली धनराशि समय से न मिलने की शिकायतें ग्राम प्रधान करते हैं। ग्राम सचिव भी गोशाला की व्यवस्था की जिम्मेदारी देने पर नाराजगी जताते हुए धरना व प्रदर्शन कर चुके हैं। जिले की बरगढ़ ग्राम पंचायत में 300 मवेशी है। जिसमें तीन कर्मचारी मवेशियों की देखभाल के लिए लगाए गए हैं। इसके अलावा गोशाला में पन्नी भी लगाई गई है। इसी तरह से अकबरपुर ग्राम पंचायत की गोशाला में 200 मवेशी हैं।
गोशालाओं में नहीं पर्याप्त इंतजाम
चित्रकूट। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह, मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह आदि का कहना कि पर्याप्त इंतजाम गोशालाओं में नहीं है। इसके साथ ही बनाई जा रही स्थायी गोशालाएं समय से नहीं बनाई जा रही हैं। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि ठंड को देखते हुए सभी गोशालाओं में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। रोजाना पशु डाक्टरों की टीम भी गोशालाओं का निरीक्षण करने जाती है। जिला पशु चिकित्साधिकारी केपी यादव ने बताया कि कई गोशालाओं में मवेशी बीमार हैं जिनका इलाज कराया जा रहा है।
- पशु आश्रय केंद्र - 270
- अस्थायी - 253
- स्थायी पशु आश्रय केंद्र - 17
- कुल मवेशियों की संख्या - 27494