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पंचदेव की पूजन से शुरु करें काम
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चित्रकूट। धर्मनगरी के आरोग्यधाम में शनिवार को शुरू हुई भगवान श्रीराम कथा में संत मोरारी बापू ने कहा कि किसी भी काम की शुरुआत करने के पहले पंचदेव की पूजा करनी चाहिए। भगवान श्रीराम का चरित्र सभी को जीवन में धारण करना चाहिए। भगवान श्रीराम वास्तव में जगद्गुरु थे।
कथा के पहले दिन संत मोरारी बापू ने कहा कि सभी को अपने जीवन में सद्गुरु को अपनाना चाहिए। भगवान श्रीराम ने वनवास काल में जो चरित्र की छाप छोड़ी है वह सबके लिए अनुकरणीय है। महर्षि अत्रिमुनि ने भगवान को वनवास काल में ही जगद्गुरु की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि सभी को जीवन में किसी भी काम की शुरुआत पंचदेव की पूजा सेे करनी चाहिए। भगवान शिव, गणेश, मां दुर्गा, सूर्यदेव व भगवान विष्णु की पूजा करने से कल्याण होता है। कोविड -19 कोरोना महामारी के बचाव का अनुपालन करते हुए कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान वाराणसी के तुलसी भक्त राजेंद्र पांडेय, सेवानिवृत शिक्षक रामगणेश पांडेय ,विमल जालान वाराणसी, डीआरआई के संतोष कुमार, अनिल जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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कथा के पहले दिन संत मोरारी बापू ने कहा कि सभी को अपने जीवन में सद्गुरु को अपनाना चाहिए। भगवान श्रीराम ने वनवास काल में जो चरित्र की छाप छोड़ी है वह सबके लिए अनुकरणीय है। महर्षि अत्रिमुनि ने भगवान को वनवास काल में ही जगद्गुरु की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि सभी को जीवन में किसी भी काम की शुरुआत पंचदेव की पूजा सेे करनी चाहिए। भगवान शिव, गणेश, मां दुर्गा, सूर्यदेव व भगवान विष्णु की पूजा करने से कल्याण होता है। कोविड -19 कोरोना महामारी के बचाव का अनुपालन करते हुए कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान वाराणसी के तुलसी भक्त राजेंद्र पांडेय, सेवानिवृत शिक्षक रामगणेश पांडेय ,विमल जालान वाराणसी, डीआरआई के संतोष कुमार, अनिल जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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