फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Nilgai collides with bike, one dead...

Chitrakoot News: कालिंजर दुर्ग में अब नहीं होगा हवन-पूजन, यज्ञ वेदी ढकी

Wed, 10 Jul 2024 03:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2024 03:12 AM IST
विज्ञापन
Nilgai collides with bike, one dead...
कालिंजर। कालिंजर दुर्ग में पुरातत्व विभाग ने हवन-पूजन पर रोक लगा दी है। यज्ञ वेदी को पत्थर ररवाकर उसे बंद करा दिया गया है। इसके बाद भी हवन-पूजन करने वाले औपचारिक रूप से तसले में हवन कर रहे हैं।
विज्ञापन


सोमवार को हवन कार्यक्रम में मौजूद प्रधान दयाराम सोनकर, प्रधानपति मसौनी राजा यादव, केसन कुशवाहा, रामबली , राजा, बलवीर व अन्य ग्रामीणों ने इस हवन यज्ञ में शामिल हुए सभी लोगों ने इस सनातन परंपरा को बंद करने वाले पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों का विरोध किया। पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 में डायरेक्टर पुरातत्व विभाग ने आकर स्वयं हवन कुंड को बंद कराया था। जब पूछा गया तो बताया कि लिखित में कोई आदेश नहीं है। मौखिक आदेश के तहत हवन कुंड बंद कराया गया। बताया कि नीलकंठ मंदिर में भगवान नीलकंठ को जल चढ़ाने व छूने तक के लिए रोक है।
विज्ञापन





राजपुरोहित परिवार नीलकंठ मंदिर के दिनेश कुमार मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ, यज्ञ-अनुष्ठान हमेशा होता चला आया है। यह स्थान बहुत ही दार्शनिक स्थान है। जिसका पद्म पुराण, शिव पुराण, महाभारत में उल्लेख मिलता है। पुरातत्व विभाग के कर्मियों द्वारा पूजा-पाठ यज्ञ अनुष्ठान बंद करवाने का यह कार्य निंदनीय है। इसकी शिकायत वह प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, प्रधान दयाराम सोनकर ने कहा कि पुरातत्व विभाग द्वारा पूजा-पाठ, हवन यह हमारी सनातन धर्म की पुरानी परंपरा है। जिसको पुरातत्व विभाग द्वारा बंद कराया जा रहा है इसका विरोध किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed