{"_id":"6acd286b938f6cd84e099a7d","slug":"master-plan-2031-residential-area-increased-by-908-hectares-chitrakoot-news-c-215-1-aur1007-137617-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"महायोजना-2031: आवासीय क्षेत्र 908 हेक्टेयर बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महायोजना-2031: आवासीय क्षेत्र 908 हेक्टेयर बढ़ा
Tue, 13 Oct 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:05 AM IST
विज्ञापन
फोटो 11 सीकेटीपी 07 ड्रोन कैमरे से खींची गई शहर की तस्वीर। स्रोत: प्रशासन
- फोटो : मुआवजे की मांग को लेकर तहसील पहुंचे किसान
चित्रकूट। चित्रकूटधाम-कर्वी महायोजना-2031 को शासन की मंजूरी मिलने के बाद अब चित्रकूट में हर व्यक्ति के आशियाने के सपने को पंख लगने जा रहे हैं। नई महायोजना में सबसे बड़ी सौगात आवासीय क्षेत्र के रूप में दी गई है।
पुरानी महायोजना-2021 में शहर का कुल आवासीय क्षेत्र मात्र 626 हेक्टेयर था। वर्तमान में शहर में करीब साढ़े ग्यारह हजार आवासीय भवन है, जो निकाय को गृहकर और जलकर शुल्क देते हैं। चित्रकूट एक धार्मिक और पर्यटन नगरी है। यहां हर साल आबादी बढ़ रही है। बाहर से भी लोग यहां आकर बसना चाहते हैं। जमीन कम होने के कारण शहर में अवैध कॉलोनियों का जाल बिछ गया था। लोग लाखों रुपये लगाकर अवैध जमीन ले रहे थे और बाद में परेशान हो रहे थे।
इसी समस्या को खत्म करने के लिए विकास प्राधिकरण ने नई महायोजना-2031 में आवासीय क्षेत्र को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया है। अब आवासीय क्षेत्र 626 हेक्टेयर से बढ़ाकर 1,534 हेक्टेयर कर दिया गया है। यानी इसमें 908 हेक्टेयर की सीधी बढ़ोतरी की गई है।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
गरीबों को भी मिलेगा अपना घर
आवासीय क्षेत्र बढ़ने से प्राधिकरण नई नियोजित कॉलोनियां विकसित करेगा। जिसमें ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी सभी वर्गों के लिए प्लॉट और मकान बनाए जाएंगे। इससे गरीब से अमीर तक हर किसी का घर का सपना पूरा होगा।
--
अवैध कॉलोनियों पर लगेगी रोक
पर्याप्त वैध जमीन उपलब्ध होने से अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा। लोगों को ठगी से बचाया जा सकेगा। नई महायोजना में शहर के प्रमुख मार्गों और हाईवे के किनारे कृषि भू-उपयोग को आवश्यकता के अनुसार आवासीय में बदला गया है। इससे मुख्य सड़कों के किनारे भी घर बन सकेंगे। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी चित्रकूट के सुनियोजित विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
-- -- -- -- -
वर्जन
आगामी संभावनाओं को देखते हुए चित्रकूट में महायोजना-2031 तैयार की गई थी। शासन स्तर से इसे मंजूरी मिल गई है। अब सुनियोजित तरीके से नया शहर बसाया जाएगा।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।
विज्ञापन
पुरानी महायोजना-2021 में शहर का कुल आवासीय क्षेत्र मात्र 626 हेक्टेयर था। वर्तमान में शहर में करीब साढ़े ग्यारह हजार आवासीय भवन है, जो निकाय को गृहकर और जलकर शुल्क देते हैं। चित्रकूट एक धार्मिक और पर्यटन नगरी है। यहां हर साल आबादी बढ़ रही है। बाहर से भी लोग यहां आकर बसना चाहते हैं। जमीन कम होने के कारण शहर में अवैध कॉलोनियों का जाल बिछ गया था। लोग लाखों रुपये लगाकर अवैध जमीन ले रहे थे और बाद में परेशान हो रहे थे।
विज्ञापन
इसी समस्या को खत्म करने के लिए विकास प्राधिकरण ने नई महायोजना-2031 में आवासीय क्षेत्र को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया है। अब आवासीय क्षेत्र 626 हेक्टेयर से बढ़ाकर 1,534 हेक्टेयर कर दिया गया है। यानी इसमें 908 हेक्टेयर की सीधी बढ़ोतरी की गई है।
विज्ञापन
गरीबों को भी मिलेगा अपना घर
आवासीय क्षेत्र बढ़ने से प्राधिकरण नई नियोजित कॉलोनियां विकसित करेगा। जिसमें ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी सभी वर्गों के लिए प्लॉट और मकान बनाए जाएंगे। इससे गरीब से अमीर तक हर किसी का घर का सपना पूरा होगा।
अवैध कॉलोनियों पर लगेगी रोक
पर्याप्त वैध जमीन उपलब्ध होने से अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा। लोगों को ठगी से बचाया जा सकेगा। नई महायोजना में शहर के प्रमुख मार्गों और हाईवे के किनारे कृषि भू-उपयोग को आवश्यकता के अनुसार आवासीय में बदला गया है। इससे मुख्य सड़कों के किनारे भी घर बन सकेंगे। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी चित्रकूट के सुनियोजित विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
वर्जन
आगामी संभावनाओं को देखते हुए चित्रकूट में महायोजना-2031 तैयार की गई थी। शासन स्तर से इसे मंजूरी मिल गई है। अब सुनियोजित तरीके से नया शहर बसाया जाएगा।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।