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Chitrakoot News: जन्म देकर हमेशा के लिए सो गई मां, रोते-रोते मासूम निढाल

Tue, 13 Oct 2026 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 13 Oct 2026 12:17 AM IST
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Mother passed away after giving birth; the innocent infant lies exhausted from weeping.
चित्रकूट। स्वास्थ्य विभाग की फाइलों में सब कुछ चंगा है। आशा की डायरी में सर्वे पूरा है, आंगनबाड़ी के रजिस्टर में पोषण बंटा है।
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सीएचसी में संस्थागत प्रसव का लक्ष्य सौ फीसदी है, लेकिन पहाड़ी कस्बे के लोहदा रोड में किराए के मकान में हुई महिला की मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल उठा दिया है। महिला बच्ची को जन्म देकर हमेशा के लिए सो गई। पास में पड़ी मासूम रोते-रोते निढाल हो गई।
सगवारा गांव निवासी राजा निषाद मजदूरी करता है और पत्नी सरोज देवी (26) के साथ लोहदा रोड पर किराए के मकान में रहता था। रविवार शाम वह गांव गया था। सरोज घर पर अकेली थी। उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। न कोई आशा पहुंची, न एएनएम, न 102 एंबुलेंस। उसने फर्श पर तड़पते हुए अकेले ही एक बच्ची को जन्म दिया और अत्यधिक रक्तस्राव से दम तोड़ दिया।
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नवजात रात भर मृत मां के शव से लिपटी रोती रही। सोमवार सुबह पड़ोसियों ने देखा तब जाकर मामला खुला। इसके बाद आसपास वालों ने उस सीएचसी पहाड़ी पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सवाल पूरे सिस्टम पर है। सरकार हर गर्भवती के पंजीकरण और चार बार एएनसी जांच की बात करती है।
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क्या सरोज का पंजीकरण था? क्या उसकी एक भी जांच हुई? जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले 1400 रुपये और पोषण का राशन किसे मिला? 102 एंबुलेंस सेवा किसके लिए है, अगर एक प्रसूता घर में ही मर जाए।

नौ महीने तक एक गर्भवती महिला कस्बे में रहती है और आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम किसी को पता नहीं चलता, यह लापरवाही नहीं तो क्या है। क्या इसलिए कि वह किराएदार थी, गरीब थी। आज एक तीन साल की मासूम बेटी मां को ढूंढ रही है और नवजात जिला अस्पताल में बिना मां के दूध के जिंदगी से लड़ रही है।
इस मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। क्या सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद फाइल बंद कर दी जाएगी या आशा से लेकर सीएचसी प्रभारी तक की जवाबदेही तय होगी।
वर्जन
अस्पताल में प्रसूता को मृत अवस्था में लाया गया था। नवजात का प्राथमिकी उपचार किया गया है। वह पूरी तरह से सुरक्षित है।
- उदय प्रताप सिंह, अधीक्षक सीएचसी पहाड़ी।
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मामला में मेरे संज्ञान नहीं आया है। पूरे मामले की जानकारी की जाएगी।
- डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी, सीएमओ।
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