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सूखने की कगार पर पहुंची मंदाकिनी
सूखने की कगार पर पहुंची मंदाकिनी
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:01 PM IST
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प्रदुषित मंदाकिनी नदी में चल रहा सफाई कार्य।
- फोटो : amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी का प्रदूषण रोकने के लिए पर्यावरण विद सहित साधू संत व समाज सेवियों की पहल के बाद भी नदी की स्थिति में सुधार नहीं आया। इस साल तो हालत सूखने की कगार पर पहुंच गई है। इसके बाद भी नदी को बचाने के लिए समाजसेवी जुटे हुए हैं। कई सालों से हो रहे प्रयास के बाद भी स्थिति में ज्यादा सुधार न होने से कहा जाने लगा है कि कई भागीरथ प्रयास निरर्थक साबित हो रहे हैं और मंदाकिनी नदी में बहुत प्रदूषण बना हुआ है।
नदी में फैली गंदगी व बढ़ते प्रदूषण को दूर करने के लिए प्रसिद्ध पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल जो धर्मनगरी के ग्रामोदय विश्वविद्यालय में एक समय पर्यावरण विभाग के डीन के पद पर थे। जिन्होंने मंदाकिनी में फैली गंदगी को दूर करने के लिए अपने हाथों से सफाई कर जिले के बाशिंदों को जागरूक करने का कार्य किया। इस मामले को लेकर साधू संत भी आगे आए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन देकर नदी की सफाई करने की मांग किया। मप्र सरकार ने तो नदी की अपने क्षेत्र में सफाई कई बार करा दिया पर यूपी क्षेत्र में ंनहीं कराया गया। समाजसेवी अजीत सिंह, अरूण गुप्ता, अभिमन्यू सिंह, जुगनू खान व शानू गुप्ता समेत कई सभासद आदि नदी की सफाई के लिए प्रयास करते रहे हैं। इसके बाद समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। इस साल नदी की हालत अधिक खराब हो गई है।
समय से विकास कार्य न होने से परेशान
चित्रकूट। धर्मनगरी में सीवर लाइन सहित नालियों का निर्माण न होने व चले रहे विकास कार्य समय से पूरा न होने से धर्मनगरी के बाशिंदों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापार पर भी इसका असर पड़ रहा है। रैनबसेरा के पास जल भराव गंदगी होने से श्रद्धालु परेशान रहते हैं। इसके अलावा यूपी व एम की सीमा को लेकर भी यहां के निवासियों को को जूझना पड़ता है।
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी का प्रदूषण रोकने के लिए पर्यावरण विद सहित साधू संत व समाज सेवियों की पहल के बाद भी नदी की स्थिति में सुधार नहीं आया। इस साल तो हालत सूखने की कगार पर पहुंच गई है। इसके बाद भी नदी को बचाने के लिए समाजसेवी जुटे हुए हैं। कई सालों से हो रहे प्रयास के बाद भी स्थिति में ज्यादा सुधार न होने से कहा जाने लगा है कि कई भागीरथ प्रयास निरर्थक साबित हो रहे हैं और मंदाकिनी नदी में बहुत प्रदूषण बना हुआ है।
नदी में फैली गंदगी व बढ़ते प्रदूषण को दूर करने के लिए प्रसिद्ध पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल जो धर्मनगरी के ग्रामोदय विश्वविद्यालय में एक समय पर्यावरण विभाग के डीन के पद पर थे। जिन्होंने मंदाकिनी में फैली गंदगी को दूर करने के लिए अपने हाथों से सफाई कर जिले के बाशिंदों को जागरूक करने का कार्य किया। इस मामले को लेकर साधू संत भी आगे आए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन देकर नदी की सफाई करने की मांग किया। मप्र सरकार ने तो नदी की अपने क्षेत्र में सफाई कई बार करा दिया पर यूपी क्षेत्र में ंनहीं कराया गया। समाजसेवी अजीत सिंह, अरूण गुप्ता, अभिमन्यू सिंह, जुगनू खान व शानू गुप्ता समेत कई सभासद आदि नदी की सफाई के लिए प्रयास करते रहे हैं। इसके बाद समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। इस साल नदी की हालत अधिक खराब हो गई है।
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समय से विकास कार्य न होने से परेशान
चित्रकूट। धर्मनगरी में सीवर लाइन सहित नालियों का निर्माण न होने व चले रहे विकास कार्य समय से पूरा न होने से धर्मनगरी के बाशिंदों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापार पर भी इसका असर पड़ रहा है। रैनबसेरा के पास जल भराव गंदगी होने से श्रद्धालु परेशान रहते हैं। इसके अलावा यूपी व एम की सीमा को लेकर भी यहां के निवासियों को को जूझना पड़ता है।
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