{"_id":"5e1e03168ebc3e4b20339cc3","slug":"machitrakoot-the-festival-of-sankranti-started-thousands-of-devotees-took-a-dip-on-the-first-day-chitrakutt-news-knp5384501166","type":"story","status":"publish","title_hn":"मचित्रकूटःकरसंक्राति पर्व शुरु: पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मचित्रकूटःकरसंक्राति पर्व शुरु: पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
विज्ञापन
फोटो- 13- मकर संक्राति पर मंदाकिनी में डुबकी लगाने को जुटे श्रद्घालु
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। मकरसंक्राति पर्व की शुरूआत होने पर पहले दिन धर्मनगरी के रामघाट पहुुंचकर लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाई। इसके बाद पंड़ितों व गरीबों को दान दिया।
मकरसंक्राति पर्व की शुरूआत होेने पर प्रथम दिवस पर धर्मनगरी में खासा उत्साह देखा गया। एक लाख से अधिक श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे। जिन्होेंने रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाई। पंड़िताें को दान दिया। भगवानकामद नाथ के दर्शन कर पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। वही शहर के मंदाकिनी नदी के घाट व राजापुर मऊ, मानिकपुर क्षेत्र के नदियों तालाबों में स्नान करने के लिए श्रद्धालु गए। हालांकि बताया गया कि 15 जनवरी को मकरसंक्रांति का पूर्ण रूप से तिथि पड़ रही है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करेंगे। इसके साथ ही कई स्थानों पर मेला लगेगा।
मकरसंक्रांति पर्व को देखते हुए यूपी व एमपी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का पूरा इंतजाम किए गए। रामघाट से लेकर हर नदी किनारे भरतकूप व पहाड़ी के साईंपुर मेला स्थल पर पुलिस कर्मी तैनात रहे।
विज्ञापन
सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल दरगाह
पहाड़ी/भरतकूप। पहाड़ी व भरतकूप कस्बे में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पांच दिवसीय मेला की शुरूआत हो गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भरतकूप मंदिर में स्थित कूप में स्नान किया। पहाड़ी के साईपुर में संाप्रदायिक सद्भाव के रूप में बनी मस्जिद में खिचड़ी का मेला लगा। मान्यता है कि यहां रहने वाले फकीर बेहद जानकार थे। वह यहां रूककर आसपास के लोगों को निरोग रहने व खुशहाल रहने की दुआ करते थे। उनके दरबार में दूर-दूर से हिंदू मुसलमान लोग आते थे वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करते थे। हिंदु मुस्लिम मिलकर उनकी सेवा करते थे। हर साल मकर संक्राति पर वह मेला लगाते थे जिसे सांप्रदायिक सद्भाव का रूप बना। यह परंपरा उनके देहावसन के बाद भी जारी है। उनकी मजार पर हिंदू-मुस्लिम मिलकर चादर चढ़ाते हैं। रेवड़ी का प्रसाद बंटता है।
सीएए से जुड़ी उड़ी पतंगे
चित्रकूट। मकर संक्रांति पर यह भी परपंरा है कि पतंगबाजी जमकर होती है। इस बार दो दिन पर्व होने पर मंगलवार को ही पतंग की दुकानों पर खूब भीड़ रही। छोटे बच्चों से लेकर बडे़ भी पतंग व मनपंसद मंझा खरीदते देखे गए। दुकानों में प्रतिबंध के बाद भी चाइना मंझा धडल्ले से बिकता रहा। किसी ने रोक लगाने का प्रयास नहीं किया। पतंगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस के राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव के चेहरे वाली पतंगे खूब उडी। इसके अलावा सीएए के समर्थन वाली पतंगों को भी आसमान पर उड़ते देखा गया।
विज्ञापन
मकरसंक्राति पर्व की शुरूआत होेने पर प्रथम दिवस पर धर्मनगरी में खासा उत्साह देखा गया। एक लाख से अधिक श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे। जिन्होेंने रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाई। पंड़िताें को दान दिया। भगवानकामद नाथ के दर्शन कर पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। वही शहर के मंदाकिनी नदी के घाट व राजापुर मऊ, मानिकपुर क्षेत्र के नदियों तालाबों में स्नान करने के लिए श्रद्धालु गए। हालांकि बताया गया कि 15 जनवरी को मकरसंक्रांति का पूर्ण रूप से तिथि पड़ रही है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करेंगे। इसके साथ ही कई स्थानों पर मेला लगेगा।
विज्ञापन
मकरसंक्रांति पर्व को देखते हुए यूपी व एमपी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का पूरा इंतजाम किए गए। रामघाट से लेकर हर नदी किनारे भरतकूप व पहाड़ी के साईंपुर मेला स्थल पर पुलिस कर्मी तैनात रहे।
विज्ञापन
सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल दरगाह
पहाड़ी/भरतकूप। पहाड़ी व भरतकूप कस्बे में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पांच दिवसीय मेला की शुरूआत हो गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भरतकूप मंदिर में स्थित कूप में स्नान किया। पहाड़ी के साईपुर में संाप्रदायिक सद्भाव के रूप में बनी मस्जिद में खिचड़ी का मेला लगा। मान्यता है कि यहां रहने वाले फकीर बेहद जानकार थे। वह यहां रूककर आसपास के लोगों को निरोग रहने व खुशहाल रहने की दुआ करते थे। उनके दरबार में दूर-दूर से हिंदू मुसलमान लोग आते थे वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करते थे। हिंदु मुस्लिम मिलकर उनकी सेवा करते थे। हर साल मकर संक्राति पर वह मेला लगाते थे जिसे सांप्रदायिक सद्भाव का रूप बना। यह परंपरा उनके देहावसन के बाद भी जारी है। उनकी मजार पर हिंदू-मुस्लिम मिलकर चादर चढ़ाते हैं। रेवड़ी का प्रसाद बंटता है।
सीएए से जुड़ी उड़ी पतंगे
चित्रकूट। मकर संक्रांति पर यह भी परपंरा है कि पतंगबाजी जमकर होती है। इस बार दो दिन पर्व होने पर मंगलवार को ही पतंग की दुकानों पर खूब भीड़ रही। छोटे बच्चों से लेकर बडे़ भी पतंग व मनपंसद मंझा खरीदते देखे गए। दुकानों में प्रतिबंध के बाद भी चाइना मंझा धडल्ले से बिकता रहा। किसी ने रोक लगाने का प्रयास नहीं किया। पतंगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस के राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव के चेहरे वाली पतंगे खूब उडी। इसके अलावा सीएए के समर्थन वाली पतंगों को भी आसमान पर उड़ते देखा गया।