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करंट से हुई थी तेंदुए की मौत, दो संदिग्ध गिरफ्तार

Sat, 11 Dec 2021 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 12:00 AM IST
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Leopard died due to current, two suspects arrested
फोटो-1- तेंदूए का पोस्टमार्टम करती डाक्टरों की टीम। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट/खोही। सती अनुसुइया जंगल में मृत मिले तेंदुए की मौत करंट लगने से ही हुई थी। यह खुलासा शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ। वन विभाग के अधिकारियों ने माना कि यह शिकारियों की कारस्तानी है। नया गांव थाने में अज्ञात शिकारियों के खिलाफ तहरीर दी गई है। दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। शिकारी जंगल में करंट प्रवाहित तार बिछाकर जंगली जानवरों का शिकार करते हैं।
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बृहस्पतिवार को सती अनुसुइया जंगल के झूरी नदी के पास वयस्क तेंदुआ मृत मिला था। शरीर में मिले कांटे से कयास लगाए गए थे कि जंगली जानवरों से संघर्ष में तेंदुए की मौत हुई है, लेकिन ‘अमर उजाला’ ने करंट से शिकार का भी संदेह जताया था। शुक्रवार को चित्रकूट (मध्यप्रदेश) के वन क्षेत्र कामतन के पास दो डाक्टरों की मौजूदगी में तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया गया।
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इसमें ‘अमर उजाला’ का शक सही निकला। डीएफओ सतना विपिन पटेल और एसडीओ लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि तेंदुए की मौत करंट लगने से हुई है। इसके शिकार की आशंका है। शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। पकड़े गए दो संदिग्ध युवकों से पूछताछ में कई सबूत मिले हैं। डाग स्क्वायड टीम की मदद से भी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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36 घंटे पहले हुई थी मौत
मृत तेंदुए का शव लगभग 36 घंटे पुराना बताया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि वन विभाग की टीमें कहां और कैसे गश्त करती हैं। मुख्य मार्ग से कुछ ही दूरी पर लगभग दो दिन तक तेंदुआ पड़ा रहा और किसी को भनक नहीं लगी। जंगल में लकड़ी काटने वाले ग्रामीणों ने इसकी सूचना दी। तेंदुए के गले या कान में किसी तरह का जीपीआरएस टैगिंग भी नहीं मिला है। वन विभाग वन क्षेत्र के वन्यजीव प्राणियों पर यह टैगिंग करता है।

मुख्य मार्ग से 50 मीटर दूर मिला शव
जिस स्थान पर तेंदुआ मरा मिला था, वह मुख्य मार्ग से 50 मीटर दूर है। ऐसे में इस क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को भी खतरा बना है। कई बार श्रद्धालु जंगल की ओर शौच क्रिया के लिए जाते हैं ऐसे में शिकारियों के बिछाये करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ सकते हैं। मानिकपुर मारकुंडी से लेकर नयागांव व मझगवां क्षेत्र में इस तरह की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं।

फोटो-2- तेंदूए के शव बरामदगी वाले स्थान पर खोजबीन करती वन विभाग की टीम। संवाद

फोटो-2- तेंदूए के शव बरामदगी वाले स्थान पर खोजबीन करती वन विभाग की टीम। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

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