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कोरोना से सावधान: छींकते और खांसते वक्त हथेली न लगाए
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चित्रकूट। संक्त्रस्मित लोगों के लिए आइसोलेशन और विदेश से लौटे बिना संक्त्रस्मित लोगों के लिए क्वारनटाइन वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए ताकि कोरोना वायरस से बचाव किया जा सके। किसी भी हालत में छींकते या खांसते वक्त हथेली नहीं लगानी है। इसकी जगह टीशू पेपर या रुमाल का प्रयोग करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिला अस्पताल में पहले ही आइसोलेशन वार्ड बनाया जा चुका है। सचिव स्वास्थ्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा है कि कोरोना वायरस से बचाव के व्यापक इंतजाम किए जाएं। जिले में कोरोना वायरस से संक्त्रस्मित कोई मरीज अभी तक नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल स्टाफ चिकित्सकों को कोरोना से बचाव करते हुए संक्त्रस्मित लोगों के इलाज के लिए प्रशिक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं। निजी अस्पतालों में भी आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए कहा गया है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में कोरोना संक्त्रस्मण से बचाव के लिए हाथ धोने का साबुन त्रिस्तरी मास्क एन. 95 मास्क आदि सारी सामग्री की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि विदेश से लौटे और कोरोना से संक्त्रस्मित मरीजों को आइसोलेशन में 14 दिनों तक रखना है। संक्त्रस्मित मरीज के गले और नाक के स्त्राव का कलेक्शन करके केजी मेडिकल कॉलेज लखनऊ भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश से लौटे लेकिन जो कोरोना से संक्त्रस्मित नहीं है। इन्हें 14 दिनों तक निरगानी में रखा जाएगा। यदि इनमें संक्रमण के कोई लक्षण मिलते हैं तो उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा। अन्यथा की अवस्था में क्वारनटाइन से छुट्टी कर दी जाएगी। आइसोलेशन व क्वारनटाइन दोनों अलग अलग तरह के वार्ड होते हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिला अस्पताल में पहले ही आइसोलेशन वार्ड बनाया जा चुका है। सचिव स्वास्थ्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा है कि कोरोना वायरस से बचाव के व्यापक इंतजाम किए जाएं। जिले में कोरोना वायरस से संक्त्रस्मित कोई मरीज अभी तक नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल स्टाफ चिकित्सकों को कोरोना से बचाव करते हुए संक्त्रस्मित लोगों के इलाज के लिए प्रशिक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं। निजी अस्पतालों में भी आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए कहा गया है।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में कोरोना संक्त्रस्मण से बचाव के लिए हाथ धोने का साबुन त्रिस्तरी मास्क एन. 95 मास्क आदि सारी सामग्री की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि विदेश से लौटे और कोरोना से संक्त्रस्मित मरीजों को आइसोलेशन में 14 दिनों तक रखना है। संक्त्रस्मित मरीज के गले और नाक के स्त्राव का कलेक्शन करके केजी मेडिकल कॉलेज लखनऊ भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश से लौटे लेकिन जो कोरोना से संक्त्रस्मित नहीं है। इन्हें 14 दिनों तक निरगानी में रखा जाएगा। यदि इनमें संक्रमण के कोई लक्षण मिलते हैं तो उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा। अन्यथा की अवस्था में क्वारनटाइन से छुट्टी कर दी जाएगी। आइसोलेशन व क्वारनटाइन दोनों अलग अलग तरह के वार्ड होते हैं।
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