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Chitrakoot News: माल व वाहन दोनों जब्त होने पर पेनाल्टी जमा कर वाहन छुड़ा सकते
Thu, 08 Jan 2026 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 08 Jan 2026 11:33 PM IST
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28 सीकेटीपी-12- शहर के एक लॉज में जीएसटी पर सेमीनार के दौरान मौजूद अधिवक्ता । संवाद
चित्रकूट। इलाहाबाद टैक्स बार एसोसिएशन ने शहर के एक लॉज में आयोजित जीएसटी सेमिनार में जानकारी साझा की। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एनसी गुप्ता ने जीएसटी अधिनियम की धारा 129 पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार माल और वाहन दोनों जब्त होने की स्थिति में भी वाहन मालिक निर्धारित पेनल्टी जमा करके अपना वाहन छुड़ा सकते हैं।
अधिवक्ता एनसी गुप्ता ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कई बार जीएसटी अधिकारी, जीएसटी पंजीकृत क्रेता और विक्रेता के बीच व्यापार होने के बावजूद, वाहन के ड्राइवर के नाम पर डिटेंशन मेमो जारी कर रहे हैं, जिसे उन्होंने अनुचित बताया। यह स्थिति करदाताओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। जीएसटी अधिनियम की धारा 129, माल और वाहन की जब्ती से संबंधित है। अधिवक्ता गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस धारा के तहत, यदि माल और वाहन दोनों जब्त कर लिए जाते हैं, तब भी वाहन मालिक को एक विकल्प दिया गया है।
यदि वाहन मालिक चाहे तो अधिनियम के अनुसार निर्धारित पेनल्टी का भुगतान करके अपने जब्त वाहन को छुड़ा सकते हैं। यह प्रावधान उन वाहन मालिकों के लिए राहत भरा है जो किसी अप्रत्याशित परिस्थिति के कारण माल परिवहन में नियमों का उल्लंघन कर बैठते हैं। सेमिनार की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केके गुप्ता ने की। रजनीकांत, लालचंद, आर के अग्रवाल, मोहम्मद जैद ने अपने विचार रखे। सेमिनार में शरद गोयल, संजीव, संतोष उपाध्याय, अनुराग, बैजनाथ, विमल मिश्रा, हिमांशु केसरवानी, मनीष गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, रुपनाथ यादव उपस्थित रहे।
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अधिवक्ता एनसी गुप्ता ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कई बार जीएसटी अधिकारी, जीएसटी पंजीकृत क्रेता और विक्रेता के बीच व्यापार होने के बावजूद, वाहन के ड्राइवर के नाम पर डिटेंशन मेमो जारी कर रहे हैं, जिसे उन्होंने अनुचित बताया। यह स्थिति करदाताओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। जीएसटी अधिनियम की धारा 129, माल और वाहन की जब्ती से संबंधित है। अधिवक्ता गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस धारा के तहत, यदि माल और वाहन दोनों जब्त कर लिए जाते हैं, तब भी वाहन मालिक को एक विकल्प दिया गया है।
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यदि वाहन मालिक चाहे तो अधिनियम के अनुसार निर्धारित पेनल्टी का भुगतान करके अपने जब्त वाहन को छुड़ा सकते हैं। यह प्रावधान उन वाहन मालिकों के लिए राहत भरा है जो किसी अप्रत्याशित परिस्थिति के कारण माल परिवहन में नियमों का उल्लंघन कर बैठते हैं। सेमिनार की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केके गुप्ता ने की। रजनीकांत, लालचंद, आर के अग्रवाल, मोहम्मद जैद ने अपने विचार रखे। सेमिनार में शरद गोयल, संजीव, संतोष उपाध्याय, अनुराग, बैजनाथ, विमल मिश्रा, हिमांशु केसरवानी, मनीष गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, रुपनाथ यादव उपस्थित रहे।
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