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मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिन पर दिखाई फिल्म
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मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिन पर दिखाई फिल्म
चित्रकूट। नौजवान भारत सभा ने रामनगर ब्लाक क्षेत्र के भैरमपुर गांव में लेखक मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिन पर पर उनकी लिखी कथाओं की फिल्म दिखाई। वही गोष्ठी का आयोजन कर उनकी लेखन सामग्री की चर्चा की गई।
कार्यक्रम में नौजवान सभा के सुरेश कुमार ने कहा कि लेखक मुंशी प्रेमचंद कहते थे कि जबतक मैं कुछ नही लिख लेता उस दिन भोजन नहीं खाता था। प्रेमचंद का लेखनशैली आम जनता के दुख दर्द व व उनके जीवन पर आधारित रहती है। वह दुनिया के श्रेष्ठ कलाकारों में है। संपत्ति, विष की गांठ, व महाजनी सभ्यता जैसी रचनाएं लिखी। उन्हाेंने पूंजीवादी व्यवस्था के चरित्र को उजागर किया है। इस मौके पर रामसलोने, रवि, शुभम, अमित विकास, व नीशा, रोहित, सुरेश आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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चित्रकूट। नौजवान भारत सभा ने रामनगर ब्लाक क्षेत्र के भैरमपुर गांव में लेखक मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिन पर पर उनकी लिखी कथाओं की फिल्म दिखाई। वही गोष्ठी का आयोजन कर उनकी लेखन सामग्री की चर्चा की गई।
कार्यक्रम में नौजवान सभा के सुरेश कुमार ने कहा कि लेखक मुंशी प्रेमचंद कहते थे कि जबतक मैं कुछ नही लिख लेता उस दिन भोजन नहीं खाता था। प्रेमचंद का लेखनशैली आम जनता के दुख दर्द व व उनके जीवन पर आधारित रहती है। वह दुनिया के श्रेष्ठ कलाकारों में है। संपत्ति, विष की गांठ, व महाजनी सभ्यता जैसी रचनाएं लिखी। उन्हाेंने पूंजीवादी व्यवस्था के चरित्र को उजागर किया है। इस मौके पर रामसलोने, रवि, शुभम, अमित विकास, व नीशा, रोहित, सुरेश आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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