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Chitrakoot News: शिक्षकों को बताए पढ़ाने के आधुनिक तरीके
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मानिकपुर। ब्लाॅक संसाधन केंद्र पर शिक्षकों को शिक्षण कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बच्चों को वीडियों और चित्रों के माध्यम से पढ़ाने पर जोर दिया।
बीआरसी सभागार में बीईओ मिथलेश कुमार ने कहा कि आधुनिक तरीके से पढ़ाकर बच्चों का ज्ञान बढ़ाएं। मॉडल स्कूल पीएस मानिकपुर ग्रामीण का उदाहरण देते हुए बताया कि संकल्प शक्ति और अनुशासन से सभी लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि उन्होंने सहायकों को साथ में लेकर विद्यालय की गुणवत्ता बढ़ाई है।
एआरपी राकेश सिंह पटेल ने कहा कि शिक्षकों को तैयारी के साथ बच्चों को कक्षा में पढ़ाने जाना चाहिए। किसी दिन एक साथ कई कक्षाओं में पढ़ाना है तो बच्चों के स्तरानुरूप योजना चलानी चाहिए।
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एआरपी अवधेश कुमार ने बताया कि एनसीआरटी की पुस्तकें बच्चों के चहुंमुखी विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। घर परिवार, हरी भरी दुनिया, खानपान, त्योहार और मेले आधारित थीम पर तैयार की गई। एआरपी त्रिभुवन सिंह ने कहा कि आंकलन से जहां बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता चलता है।एआरपी गया प्रसाद ने ट्रैकरों पर चर्चा की तो अजय कुमार ने प्रिंट रिच सामग्री के इस्तेमाल की जरूरत पर अपनी बात रखी।
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बीआरसी सभागार में बीईओ मिथलेश कुमार ने कहा कि आधुनिक तरीके से पढ़ाकर बच्चों का ज्ञान बढ़ाएं। मॉडल स्कूल पीएस मानिकपुर ग्रामीण का उदाहरण देते हुए बताया कि संकल्प शक्ति और अनुशासन से सभी लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि उन्होंने सहायकों को साथ में लेकर विद्यालय की गुणवत्ता बढ़ाई है।
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एआरपी राकेश सिंह पटेल ने कहा कि शिक्षकों को तैयारी के साथ बच्चों को कक्षा में पढ़ाने जाना चाहिए। किसी दिन एक साथ कई कक्षाओं में पढ़ाना है तो बच्चों के स्तरानुरूप योजना चलानी चाहिए।
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एआरपी अवधेश कुमार ने बताया कि एनसीआरटी की पुस्तकें बच्चों के चहुंमुखी विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। घर परिवार, हरी भरी दुनिया, खानपान, त्योहार और मेले आधारित थीम पर तैयार की गई। एआरपी त्रिभुवन सिंह ने कहा कि आंकलन से जहां बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता चलता है।एआरपी गया प्रसाद ने ट्रैकरों पर चर्चा की तो अजय कुमार ने प्रिंट रिच सामग्री के इस्तेमाल की जरूरत पर अपनी बात रखी।