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फसल योजना पर की चर्चा
ब्यूरो/अमर उजाला चित्रकूट।
Updated Mon, 14 Sep 2015 11:31 PM IST
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दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां द्वारा ग्राम पालदेव में धान किस्म पूसा-बासमती 1509 के प्रदर्शन प्रक्षेत्र पर खेत दिवस का आयोजन किया गया। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की खरीफ फसलों से संबंधित समस्याओं का निदान किया। वर्षा की अनिश्चितता की स्थिति में आकस्मिक फसल योजना पर भी चर्चा की गई।
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मझगवां क्षेत्र में अब तक 424 मिमी वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से 49 प्रतिशत कम है। जिन किसानों ने गर्मी में गहरी जुताई करके खेती व पानी का प्रबंधन किया, उनकी फसलों की स्थिति अच्छी हैै। खेत दिवस में किसान बड़कू पटेल ने बताया कि धान खेत पर प्रदर्शित कृषि तकनीकी में प्रमुख रूप से नर्सरी तैयार करना, पौधरोपण की उन्नत तकनीकी एवं पोषक तत्व प्रबंधन सफल सिद्ध हुआ है।
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धान की बढ़वार अच्छी है, परिणाम अच्छे आने की आशा है। दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण, नई दिल्ली, भारत सरकार के चेयरपर्सन डॉ. आरआर हंचीनल, बायोवर्सिटी इंटरनेशनल के रीजनल डायरेक्टर डॉ. पीएन माथुर, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्णव गुप्ता, कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां के कृषि प्रसार वैज्ञानिक एवं जल प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. वेद प्रकाश सिंह, फसल वैज्ञानिक डॉ. श्याम सुंदर कौशिक एवं पौध सुरक्षा वैज्ञानिक लोकेश गंगराडे ने कृषि तकनीकी पर किसानों की जिज्ञासा का समाधान किया। किसानों को वर्षा की अनिश्चितता में आकस्मिक फसल योजना की रचना तथा रबी फसल उत्पादन तकनीकी की विस्तार से जानकारी दी।
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