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मकान मालिक का पुत्र ही निकला हत्यारा
चित्रकूट
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:35 PM IST
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एसओजी टीमें गठित
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। लगभग साढ़े चार माह पूर्व शहर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्याकर शव बोरे में भरकर फेंकने वाले मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी मकान मालिक का पुत्र ही निकला। जिसने मकर संक्राति के एक दिन पूर्व किशोरी को खाना खाने के बहाने अपने कमरे में ले गया और दुष्कर्र्म के बाद मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
बुधवार को कोतवाली पुलिस ने हत्यारोपी मुख्यालय के शंकर बाजार निवासी राजा गुप्ता पुत्र लक्ष्मी को उसके घर से पकड़ा। उसकी निशानदेही पर कमरे में ही छिपाए गए कुछ खून लगे कपड़े भी बरामद किए।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय कालूपुर में एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी तीन भाइयों में मझला है। शादी के बाद से वह पत्नी के साथ पिता के ही मकान में अलग कमरे में रहता है। उसकी पत्नी ने पुत्र को जन्म दिया था तो घटना के समय मायके छतरपुर में थी। मकर संक्राति की पूर्व संध्या पर उसकी भाभी ने पकौड़ी व दही बड़ा आदि बनाकर राजा को उसके कमरे में दिया था। मृतका का परिवार भी इसी मकान में किराए में रहता है। घटना के दिन मृतका मकान मालिक के कमरे से टीवी देखकर बाहर निकली तो वहां मौजूद राजा ने किशोरी को पकौड़ी आदि खिलाने के बहाने अपने कमरे में ले गया।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कमरे में ही आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और उसके विरोध कर चिल्लाने पर मुंह दबाए रहा। जिससे कुछ देर बाद किशोरी की मौत हो गई। यह देखकर आरोपी डरा लेकिन हत्या को छिपाने के लिए रात को ही घर से बाहर निकला। वहां मिली एक बोरी को लेकर कमरे में आया और किशोरी को उसमें भरकर अधिक रात होने का इंतजार करता रहा। लगभग दो बजे वह कमरे से किशोरी के शव भरे बोरे को लेकर गल्लामंडी की ओर बढ़ा। रास्ते में कुत्तों के पीछे पड़ने पर एक स्थान पर बोरा फेंककर घर आ गया।
कई महीने से इस हत्याकांड का खुलासा करने को पुलिस टीम बनाई गई थी। एक दर्जन लोगों से पूछतांछ भी हुई। पूरी जांच के बाद राजा गुप्ता ही आरोपी पाया गया उसके कमरे से रक्त लगे कपड़े भी बरामद हुए हैं। उसे जेल भेजा गया है। हत्याकांड के खुलासे में अपर एसपी बलवंत चौधरी,कोतवाल मो.शरीफ खान, एसआई रामेंद्र तिवारी, शिवरामपुर चौकी प्रभारी वीरेंद्र त्रिपाठी, कांस्टेबिल राजबहादुर व शौकत खान का योगदान रहा।
-इनसेट
आरोपी की जुबानी
चित्रकूट। नाबालिग की दुष्कर्म व हत्या कर शव फेंकने का काम अकेले ही राजा ने किया था। बुधवार को पुलिस के सामने उसने कुबूल किया कि कमरे में बुलाकर किशोरी का दुष्कर्म किया और मुंह दबाए रहने से उसकी मौत हो गई। खुद को बचाने के लिए वह घटना की रात तो कमरे में आकर सो गया लेकिन दूसरे दिन सुबह उठकर घटनास्थल के आस पास भी गया था। जब लोगाें ने शव को देख लिया तो खुद को बचाने के लिए सबसे पहले मृतका की मां को जानकारी भी देने पहुंचा था।
-इनसेट
आरोपी घर में और लगे साढ़े चार माह
चित्रकूट। शहर में नाबालिग की हत्या के बाद से लगातार पुलिस पर इसके खुलासे का दबाव पड़ रहा था। कई संगठनों ने खुलासे की मांग को लेकर प्रदर्शन धरना व कैंडल मार्च निकला था। सोशल मीडिया पर कई समाजसेवियों ने बडे जोर शोर से इसके खुलासे की मांग की थी। सवाल यह है कि पुलिस बार बार मृतका के घर के आस पास के ही लोगों को पकड़कर पूछताछ कर रही थी। इसी आरोपी राजा को चार बार कोतवाली पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पूरे घर से लेकर घटनास्थल का भी कई बार निरीक्षण हुआ। आरोपी हर बार पुलिस के साथ ही रहा और उसे भनक तक नहीं लगी। एक कमरे में रहने वाले आरोपी के कमरे से रक्तरंजित कपड़े भी पहले नहीं मिले। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म होने की पूरी पुष्टि नहीं हो सकी थी। तत्कालीन कोतवाल सत्यपाल सिंह ने बताया था कि स्लाइड बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि दुष्कर्म तो हुआ था लेकिन किसी निर्दोष को जेल जाने से बचाने के लिए हर चीज की सही जानकारी की गई।
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चित्रकूट। लगभग साढ़े चार माह पूर्व शहर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्याकर शव बोरे में भरकर फेंकने वाले मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी मकान मालिक का पुत्र ही निकला। जिसने मकर संक्राति के एक दिन पूर्व किशोरी को खाना खाने के बहाने अपने कमरे में ले गया और दुष्कर्र्म के बाद मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
बुधवार को कोतवाली पुलिस ने हत्यारोपी मुख्यालय के शंकर बाजार निवासी राजा गुप्ता पुत्र लक्ष्मी को उसके घर से पकड़ा। उसकी निशानदेही पर कमरे में ही छिपाए गए कुछ खून लगे कपड़े भी बरामद किए।
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय कालूपुर में एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी तीन भाइयों में मझला है। शादी के बाद से वह पत्नी के साथ पिता के ही मकान में अलग कमरे में रहता है। उसकी पत्नी ने पुत्र को जन्म दिया था तो घटना के समय मायके छतरपुर में थी। मकर संक्राति की पूर्व संध्या पर उसकी भाभी ने पकौड़ी व दही बड़ा आदि बनाकर राजा को उसके कमरे में दिया था। मृतका का परिवार भी इसी मकान में किराए में रहता है। घटना के दिन मृतका मकान मालिक के कमरे से टीवी देखकर बाहर निकली तो वहां मौजूद राजा ने किशोरी को पकौड़ी आदि खिलाने के बहाने अपने कमरे में ले गया।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कमरे में ही आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और उसके विरोध कर चिल्लाने पर मुंह दबाए रहा। जिससे कुछ देर बाद किशोरी की मौत हो गई। यह देखकर आरोपी डरा लेकिन हत्या को छिपाने के लिए रात को ही घर से बाहर निकला। वहां मिली एक बोरी को लेकर कमरे में आया और किशोरी को उसमें भरकर अधिक रात होने का इंतजार करता रहा। लगभग दो बजे वह कमरे से किशोरी के शव भरे बोरे को लेकर गल्लामंडी की ओर बढ़ा। रास्ते में कुत्तों के पीछे पड़ने पर एक स्थान पर बोरा फेंककर घर आ गया।
कई महीने से इस हत्याकांड का खुलासा करने को पुलिस टीम बनाई गई थी। एक दर्जन लोगों से पूछतांछ भी हुई। पूरी जांच के बाद राजा गुप्ता ही आरोपी पाया गया उसके कमरे से रक्त लगे कपड़े भी बरामद हुए हैं। उसे जेल भेजा गया है। हत्याकांड के खुलासे में अपर एसपी बलवंत चौधरी,कोतवाल मो.शरीफ खान, एसआई रामेंद्र तिवारी, शिवरामपुर चौकी प्रभारी वीरेंद्र त्रिपाठी, कांस्टेबिल राजबहादुर व शौकत खान का योगदान रहा।
-इनसेट
आरोपी की जुबानी
चित्रकूट। नाबालिग की दुष्कर्म व हत्या कर शव फेंकने का काम अकेले ही राजा ने किया था। बुधवार को पुलिस के सामने उसने कुबूल किया कि कमरे में बुलाकर किशोरी का दुष्कर्म किया और मुंह दबाए रहने से उसकी मौत हो गई। खुद को बचाने के लिए वह घटना की रात तो कमरे में आकर सो गया लेकिन दूसरे दिन सुबह उठकर घटनास्थल के आस पास भी गया था। जब लोगाें ने शव को देख लिया तो खुद को बचाने के लिए सबसे पहले मृतका की मां को जानकारी भी देने पहुंचा था।
-इनसेट
आरोपी घर में और लगे साढ़े चार माह
चित्रकूट। शहर में नाबालिग की हत्या के बाद से लगातार पुलिस पर इसके खुलासे का दबाव पड़ रहा था। कई संगठनों ने खुलासे की मांग को लेकर प्रदर्शन धरना व कैंडल मार्च निकला था। सोशल मीडिया पर कई समाजसेवियों ने बडे जोर शोर से इसके खुलासे की मांग की थी। सवाल यह है कि पुलिस बार बार मृतका के घर के आस पास के ही लोगों को पकड़कर पूछताछ कर रही थी। इसी आरोपी राजा को चार बार कोतवाली पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पूरे घर से लेकर घटनास्थल का भी कई बार निरीक्षण हुआ। आरोपी हर बार पुलिस के साथ ही रहा और उसे भनक तक नहीं लगी। एक कमरे में रहने वाले आरोपी के कमरे से रक्तरंजित कपड़े भी पहले नहीं मिले। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म होने की पूरी पुष्टि नहीं हो सकी थी। तत्कालीन कोतवाल सत्यपाल सिंह ने बताया था कि स्लाइड बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि दुष्कर्म तो हुआ था लेकिन किसी निर्दोष को जेल जाने से बचाने के लिए हर चीज की सही जानकारी की गई।