डकैतों के डर से बंद रहा सड़क का निर्माण कार्य
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चित्रकूट। खांच का पुरवा में डकैत बबुली कोल गैंग के मजदूरों को पीटने व धमकी देने के बाद सोमवार को सड़क निर्माण काम बंद रहा। घटना के बाद पुुलिस अधीक्षक ने कमान अपने हाथ में ले ली है। डकैतों की धरपकड़ के लिए वह खुद भी पुलिस और पीएसी के साथ कांबिंग कर रहे हैं। पुलिस ने चार लोगों के इस घटना में शामिल होने के शक पर पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता ने अस्पताल व पुरवा जाकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने दस घायलों को 15-15 हजार की आर्थिक मदद दी। साथ ही घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
सोमवार की दोपहर को विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता गया प्रसाद दिनकर स्थानीय बसपाइयों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। घायलों से मिलकर घटना की जानकारी मिली। भर्ती दस घायलों को 15-15 हजार देकर पार्टी से और मदद दिलाने का भरोसा दिया। मजदूरों से बातचीत कर कहा कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की पुलिस से सांठगांठ है इसीलिए केवल बसपा समर्थित मजदूर परिवार के सदस्यों को पीटा गया। ठेकेदार व मुंशी को पहले भी डाकुओं ने धमकी दी थी तो फिर दोनों कैसे बच गए। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। उन्होंने प्रदेश सरकार से घायलों को सरकार दस-दस लाख की आर्थिक मदद देेने की मांग की। साथ ही गांव के आसपास पीएसी को फिर तैनात करने की मांग की। प्रतिपक्ष के नेता के साथ मानिकपुर विधायक चंद्रभान सिंह पटेल, पूर्व मंत्री आरके सिंह पटेल, जगदीश गौतम, रामलखन निषाद, कौैशलेंद्र वर्मा, शक्तिप्रताप सिंह, इफ्तिखार अहमद, इकराम वर्मा व सुनील पांडेय आदि मौजूद रहे।
उधर, डकैतों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। सोमवार की सुबह से पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने एंटी डकैती टीम के मनीष जाट व सुजीत कुमार के साथ जंगलाें में कांबिंग की। मारकुंडी से लेकर बहिलपुरवा के जंगलों में पुलिस टीमें संदिग्धों से पूछताछ करती रही। बहिलपुरवा थानाध्यक्ष पीके सिंह ने बताया कि डकैत बबुली कोल गैंग के साथ आए लगभग दो दर्जन बदमाशों में कुछ स्थानीय युवकों के शामिल होने की सूचना मिली है जिसमें चार संदिग्धों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई है। संभावना है कि डाकू गैंग गांव के ही किसी के घर के पास ठहरा भी था।