{"_id":"5ac7ab394f1c1bb5618b5fe8","slug":"passengers-traveling-to-complain-of-stolen-fled-from-grp-police-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोरी की शिकायत करने पहुंचे यात्री को जीआरपी थाने से भगाया ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चोरी की शिकायत करने पहुंचे यात्री को जीआरपी थाने से भगाया
अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Fri, 06 Apr 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
पवन सिंह
- फोटो : amar ujala
बैग और मोबाइल चोरी की शिकायत करने पहुंचे शिमला के यात्री को जीआरपी ने डांटकर भगा दिया। बाद में समाजसेवी की मदद से वह शिमला के लिए रवाना हुआ।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के समरहिल निवासी पवन सिंह राजपूत ने बताया कि वह जबलपुर मप्र में नौकरी के लिए परीक्षा देने गया था। गुुरुवार रात को वापसी के लिए स्टेशन पर था तभी उसका किसी ने बैग पार कर दिया। इसमें मोबाइल, टिकट समेत दस हजार रुपये व कपड़े थे। जीआरपी थाने जबलपुर में शिकायत करने गया तो उसे बनारस जा रही किसी ट्रेन में बैठा दिया गया। उससे कहा गया कि मानिकपुर उतर कर वहां रिपोर्ट दर्ज कराए। शुक्रवार सुबह ट्रेन मानिकपुर पहुंची तो उसकी जेब में बीस रुपये थे। कुछ खाने के लिए कैंटीन की तरफ बढ़ा तो जीआरपी के जवानों ने उसे रोककर टिकट मांगा। युवक ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी देने के बाद भी जीआरपी जवानों ने उसकी तलाशी ली और रुपये भी छीन लिए। शिकायत दर्ज कराने वह जीआरपी थाने पहुंचा तो उसे डांटकर भगा दिया गया।
इधर, युवक स्टेशन पर लोगों से मदद की गुहार करता रहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। जानकारी होने पर समाजसेवी विनय कुमार गुप्ता ने युवक को शिमला का टिकट दिलवाकर संपर्क क्रांति ट्रेन से रवाना कराया। इस मामले में जीआरपी प्रभारी हरीशरण ने बताया कि उनकी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। इस संबंध में सिपाहियों से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के समरहिल निवासी पवन सिंह राजपूत ने बताया कि वह जबलपुर मप्र में नौकरी के लिए परीक्षा देने गया था। गुुरुवार रात को वापसी के लिए स्टेशन पर था तभी उसका किसी ने बैग पार कर दिया। इसमें मोबाइल, टिकट समेत दस हजार रुपये व कपड़े थे। जीआरपी थाने जबलपुर में शिकायत करने गया तो उसे बनारस जा रही किसी ट्रेन में बैठा दिया गया। उससे कहा गया कि मानिकपुर उतर कर वहां रिपोर्ट दर्ज कराए। शुक्रवार सुबह ट्रेन मानिकपुर पहुंची तो उसकी जेब में बीस रुपये थे। कुछ खाने के लिए कैंटीन की तरफ बढ़ा तो जीआरपी के जवानों ने उसे रोककर टिकट मांगा। युवक ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी देने के बाद भी जीआरपी जवानों ने उसकी तलाशी ली और रुपये भी छीन लिए। शिकायत दर्ज कराने वह जीआरपी थाने पहुंचा तो उसे डांटकर भगा दिया गया।
इधर, युवक स्टेशन पर लोगों से मदद की गुहार करता रहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। जानकारी होने पर समाजसेवी विनय कुमार गुप्ता ने युवक को शिमला का टिकट दिलवाकर संपर्क क्रांति ट्रेन से रवाना कराया। इस मामले में जीआरपी प्रभारी हरीशरण ने बताया कि उनकी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। इस संबंध में सिपाहियों से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन