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चित्रकूट में सुपरफास्ट गंगा-कावेरी ट्रेन में लाखों की डकैती
चित्रकूट में सुपरफास्ट गंगा-कावेरी ट्रेन में लाखों की डकैती
Updated Mon, 03 Sep 2018 10:56 PM IST
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- फोटो : amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर (चित्रकूट)। मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग के पनहाई स्टेशन के आउटर पर रविवार की रात करीब डेढ़ बजे बंदूकों और चाकुओं से लैस डकैतों ने सुपरफास्ट गंगा-कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन में धावा बोला। स्लीपर कोच में यात्रियों को पीट कर करीब 20 लाख रुपये से ज्यादा की डकैती डाली। विरोध करने पर 12 यात्रियों को बंदूक की बट व चाकू से घायल कर दिया। जीआरपी व आरपीएफ के पहुंचने पर डकैत हवाई फायरिंग कर जंगल की ओर भाग निकले। लगभग दो घंटे तक डकैत लूटपाट करते रहे, इस दौरान ट्रेन स्कार्ट के सिपाही नजर नहीं आए। छानबीन के बाद ट्रेन रात तीन बजकर 13 मिनट पर गंतव्य की ओर रवाना की गई। मामूली रूप से घायल यात्रियों का इलाहाबाद के रेलवे अस्पताल में इलाज किया गया।
उधर, डकैती कांड की सूचना पर जीआरपी अपर पुलिस महानिदेशक, आरपीएफ के आईजी, चित्रकूटधाम के डीआईजी व चित्रकूट के एसपी समेत भारी पुलिस फोर्स घटनास्थल पर पहुंचे। डाग स्क्वॉड की मदद से डकैतों की तलाश की गई। संदेह के आधार पर छह ग्रामीणों से पुलिस पूछताछ कर रही है। घायल व लुटे यात्रियों में ज्यादातर आंध्रप्रदेश के बताए जाते हैं। इलाहाबाद स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों ने अज्ञात डकैतों के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। डकैतों की संख्या एक दर्जन से ज्यादा बताई गई है। इनमें कुछ नकाबपोश भी थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने घटना में कुख्यात साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के हाथ होने की भी आशंका जताई है।
चेन्नई से पटना जा रही गंगा-कावेरी सुपरफास्ट नानस्टाप ट्रेन रविवार की रात 12 बजकर 55 मिनट पर मानिकपुर जंक्शन से गुजरी। यात्रियों के मुताबिक, तब तक सब कुछ सामान्य था। रात लगभग एक बजकर 27 मिनट पर जैसे ही ट्रेन पनहाई-डभौरा स्टेशन के बीच गेट नंबर 405/सीई 2 खंभा 1270 के पास पहुंची, सिग्नल न मिलने से ट्रेन रुक गई। इसके पूर्व भी चेन पुलिंग की गई थी। ट्रेन रुकते स्लीपर कोच नंबर 3,4,5,7 और 9 में असलहों से लैस डकैत चढ़े। यात्रियों से मारपीट के बाद लूटपाट शुरू कर दी। यात्रियों के शोर मचाने पर डकैतों ने बंदूक सीने पर लगा दी। यात्रियों से सोना-चांदी, नगदी, मोबाइल लैपटाप और अन्य सामग्री लूट लिया। यात्रियों के मुताबिक, डकैतों के कुछ साथी पहले से बोगी में मौजूद थे। ट्रेन रुकते ही लगभग एक दर्जन बंदूकधारी बोगियों में चढ़े और लूटपाट की है।
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गार्ड पीके ओझा ने ट्रेन के रुकने और यात्रियों की चीखपुकार सुनकर पनहाई के स्टेशन मास्टर अवनीश कुमार को वॉकीटाकी से सूचना दी। एसएम ने रेलवे कंट्रोल रूम, जीआरपी, आरपीएफ व सिविल पुलिस थाने में सूचना दी। लगभग एक घंटे बाद जीआरपी मानिकपुर सह प्रभारी एके राय व आरपीएफ प्रभारी ओंकार नाथ त्रिपाठी मय फोर्स पहुंचे। इस बीच ट्रेन के पुलिस स्कार्ट सरफराज व केवल सिंह का कुछ पता नहीं था। ट्रेन से कुछ दूरी पर मौजूद जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने अपने वाहनों के हूटर बजाए तो ट्रेन में मौजूद डकैतों ने हवाई फायरिंग की। डकैतों के भागते ही पुलिस टीम ट्रेन तक पहुंची और यात्रियों का हालचाल जाना।
विरोध करने पर बंदूक से बट से पीटा
डकैती कांड में घायल यात्री आंध्रप्रदेश के विजयपुर मंडला निवासी विनोदनी पत्नी भुवनेश्वरी प्रसाद, एम मोहन राव, बरूथपुर सिंगरौली निवासी अशोक कुमार पुत्र मंगल और पदमाकर राव पुत्र मोहनराव ने बताया कि बंदूक व चाकू से लैस डकैतों में कुछ नकाबपोश थे। विरोध करने पर लगभग 12 यात्रियों को बंदूक की बट से पीटा कुछ को चाकू से घायल कर दिया।
जीआरपी व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी होते ही जीआरपी के अपर पुलिस महानिदेशक वीके मौर्य, आरपीएफ आईजी एसके सिंह, चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी मनोज तिवारी, एसपी चित्रकूट मनोज कुमार झा, अपर एसपी बलवंत चौधरी, जीआरपी एसपी पीके मिश्रा भारी पुलिस बल व डाग स्क्वायड टीम के साथ पहुंचकर छानबीन शुरू की है।
घटना से पूर्व तीन बार की गई चेनपुलिंग
जीआरपी एसपी पीके मिश्रा ने बताया कि इस घटना की रिपोर्ट इलाहाबाद जीआरपी थाने में दर्ज कराई गई है। घायलों से पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि कुछ डकैतों के साथी सतना मप्र स्टेशन से ट्रेन में चढे़ और तीन स्थानों पर चेन पुलिंग की। इसके बाद मानिकपुर निकलते ही पहले से पनहाई के पास सिंगनल को डाउन होने से रोका गया। जिस कारण चालक को ट्रेन रोकनी पड़ी। पूरी जांच जारी है। ट्रेन में मौजूद स्कार्ट से भी पूछताछ की जाएगी। इस घटना में अभी किसी डकैत गैंग का नाम सामने नहीं आया है लेकिन कुख्यात साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के हाथ होने की भी संभावना जताई गई है।
मानिकपुर (चित्रकूट)। मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग के पनहाई स्टेशन के आउटर पर रविवार की रात करीब डेढ़ बजे बंदूकों और चाकुओं से लैस डकैतों ने सुपरफास्ट गंगा-कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन में धावा बोला। स्लीपर कोच में यात्रियों को पीट कर करीब 20 लाख रुपये से ज्यादा की डकैती डाली। विरोध करने पर 12 यात्रियों को बंदूक की बट व चाकू से घायल कर दिया। जीआरपी व आरपीएफ के पहुंचने पर डकैत हवाई फायरिंग कर जंगल की ओर भाग निकले। लगभग दो घंटे तक डकैत लूटपाट करते रहे, इस दौरान ट्रेन स्कार्ट के सिपाही नजर नहीं आए। छानबीन के बाद ट्रेन रात तीन बजकर 13 मिनट पर गंतव्य की ओर रवाना की गई। मामूली रूप से घायल यात्रियों का इलाहाबाद के रेलवे अस्पताल में इलाज किया गया।
उधर, डकैती कांड की सूचना पर जीआरपी अपर पुलिस महानिदेशक, आरपीएफ के आईजी, चित्रकूटधाम के डीआईजी व चित्रकूट के एसपी समेत भारी पुलिस फोर्स घटनास्थल पर पहुंचे। डाग स्क्वॉड की मदद से डकैतों की तलाश की गई। संदेह के आधार पर छह ग्रामीणों से पुलिस पूछताछ कर रही है। घायल व लुटे यात्रियों में ज्यादातर आंध्रप्रदेश के बताए जाते हैं। इलाहाबाद स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों ने अज्ञात डकैतों के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। डकैतों की संख्या एक दर्जन से ज्यादा बताई गई है। इनमें कुछ नकाबपोश भी थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने घटना में कुख्यात साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के हाथ होने की भी आशंका जताई है।
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चेन्नई से पटना जा रही गंगा-कावेरी सुपरफास्ट नानस्टाप ट्रेन रविवार की रात 12 बजकर 55 मिनट पर मानिकपुर जंक्शन से गुजरी। यात्रियों के मुताबिक, तब तक सब कुछ सामान्य था। रात लगभग एक बजकर 27 मिनट पर जैसे ही ट्रेन पनहाई-डभौरा स्टेशन के बीच गेट नंबर 405/सीई 2 खंभा 1270 के पास पहुंची, सिग्नल न मिलने से ट्रेन रुक गई। इसके पूर्व भी चेन पुलिंग की गई थी। ट्रेन रुकते स्लीपर कोच नंबर 3,4,5,7 और 9 में असलहों से लैस डकैत चढ़े। यात्रियों से मारपीट के बाद लूटपाट शुरू कर दी। यात्रियों के शोर मचाने पर डकैतों ने बंदूक सीने पर लगा दी। यात्रियों से सोना-चांदी, नगदी, मोबाइल लैपटाप और अन्य सामग्री लूट लिया। यात्रियों के मुताबिक, डकैतों के कुछ साथी पहले से बोगी में मौजूद थे। ट्रेन रुकते ही लगभग एक दर्जन बंदूकधारी बोगियों में चढ़े और लूटपाट की है।
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गार्ड पीके ओझा ने ट्रेन के रुकने और यात्रियों की चीखपुकार सुनकर पनहाई के स्टेशन मास्टर अवनीश कुमार को वॉकीटाकी से सूचना दी। एसएम ने रेलवे कंट्रोल रूम, जीआरपी, आरपीएफ व सिविल पुलिस थाने में सूचना दी। लगभग एक घंटे बाद जीआरपी मानिकपुर सह प्रभारी एके राय व आरपीएफ प्रभारी ओंकार नाथ त्रिपाठी मय फोर्स पहुंचे। इस बीच ट्रेन के पुलिस स्कार्ट सरफराज व केवल सिंह का कुछ पता नहीं था। ट्रेन से कुछ दूरी पर मौजूद जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने अपने वाहनों के हूटर बजाए तो ट्रेन में मौजूद डकैतों ने हवाई फायरिंग की। डकैतों के भागते ही पुलिस टीम ट्रेन तक पहुंची और यात्रियों का हालचाल जाना।
विरोध करने पर बंदूक से बट से पीटा
डकैती कांड में घायल यात्री आंध्रप्रदेश के विजयपुर मंडला निवासी विनोदनी पत्नी भुवनेश्वरी प्रसाद, एम मोहन राव, बरूथपुर सिंगरौली निवासी अशोक कुमार पुत्र मंगल और पदमाकर राव पुत्र मोहनराव ने बताया कि बंदूक व चाकू से लैस डकैतों में कुछ नकाबपोश थे। विरोध करने पर लगभग 12 यात्रियों को बंदूक की बट से पीटा कुछ को चाकू से घायल कर दिया।
जीआरपी व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी होते ही जीआरपी के अपर पुलिस महानिदेशक वीके मौर्य, आरपीएफ आईजी एसके सिंह, चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी मनोज तिवारी, एसपी चित्रकूट मनोज कुमार झा, अपर एसपी बलवंत चौधरी, जीआरपी एसपी पीके मिश्रा भारी पुलिस बल व डाग स्क्वायड टीम के साथ पहुंचकर छानबीन शुरू की है।
घटना से पूर्व तीन बार की गई चेनपुलिंग
जीआरपी एसपी पीके मिश्रा ने बताया कि इस घटना की रिपोर्ट इलाहाबाद जीआरपी थाने में दर्ज कराई गई है। घायलों से पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि कुछ डकैतों के साथी सतना मप्र स्टेशन से ट्रेन में चढे़ और तीन स्थानों पर चेन पुलिंग की। इसके बाद मानिकपुर निकलते ही पहले से पनहाई के पास सिंगनल को डाउन होने से रोका गया। जिस कारण चालक को ट्रेन रोकनी पड़ी। पूरी जांच जारी है। ट्रेन में मौजूद स्कार्ट से भी पूछताछ की जाएगी। इस घटना में अभी किसी डकैत गैंग का नाम सामने नहीं आया है लेकिन कुख्यात साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के हाथ होने की भी संभावना जताई गई है।