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एक माह पूर्व कैदी से मिलकर लौटा था परिवार
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एक माह पूर्व कैदी से मिलकर लौटा था परिवार
चित्रकूट। जिला जेल में बंद महोबा जिले के कैदी कंदू उर्फ कन्हैया की मौत मामले में उसके परिजनों ने दावा किया है कि उसे कोई बीमारी नहीं थी। एक माह पूर्व ही उसकी पत्नी व पुत्र जेल में उसका हालचाल लेकर लौटे थे तो उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी। इधर पुलिस ने परिजनों के आने पर रविवार को पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिया है।
महोबा जिले के अजनेर थानाक्षेत्र निवासी कंदू उर्फ कन्हैया राजपूत की शनिवार को जिला अस्पताल रगौली चित्रकूट में अचानक तबियत खराब होने पर अस्पताल लाते समय मौत हो गई थी। सूचना पर रविवार की सुबह मृतक की पत्नी तारादेवी व बडे़ भाई रामस्वरूप मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक कंदू के दो पुत्र चंदन व चंद्रपाल हैं जो दिल्ली में मजदूरी करते हैं। एक साल पूर्व गांव में खेमचंद्र नामक युवक ने अकारण ही कंदू को रास्ते पर मारा पीटा था। इसी दौरान खेत से लौट रहे कंदू के पास मौजूद धारदार हथियार से खेमचंद्र के कंधे व गर्दन में चोट आई थी। इसी मामले में उसे सजा हुई थी। उसे फिलहाल कोई बीमारी नहीं थी लेकिन अचानक जेल में तबियत बिगड़ने के बाद मौत होने की जानकारी से सभी स्तब्ध हैं। कोतवाल अनिल सिंंह ने बताया कि परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिया गया है। उधर जेलर श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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चित्रकूट। जिला जेल में बंद महोबा जिले के कैदी कंदू उर्फ कन्हैया की मौत मामले में उसके परिजनों ने दावा किया है कि उसे कोई बीमारी नहीं थी। एक माह पूर्व ही उसकी पत्नी व पुत्र जेल में उसका हालचाल लेकर लौटे थे तो उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी। इधर पुलिस ने परिजनों के आने पर रविवार को पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिया है।
महोबा जिले के अजनेर थानाक्षेत्र निवासी कंदू उर्फ कन्हैया राजपूत की शनिवार को जिला अस्पताल रगौली चित्रकूट में अचानक तबियत खराब होने पर अस्पताल लाते समय मौत हो गई थी। सूचना पर रविवार की सुबह मृतक की पत्नी तारादेवी व बडे़ भाई रामस्वरूप मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक कंदू के दो पुत्र चंदन व चंद्रपाल हैं जो दिल्ली में मजदूरी करते हैं। एक साल पूर्व गांव में खेमचंद्र नामक युवक ने अकारण ही कंदू को रास्ते पर मारा पीटा था। इसी दौरान खेत से लौट रहे कंदू के पास मौजूद धारदार हथियार से खेमचंद्र के कंधे व गर्दन में चोट आई थी। इसी मामले में उसे सजा हुई थी। उसे फिलहाल कोई बीमारी नहीं थी लेकिन अचानक जेल में तबियत बिगड़ने के बाद मौत होने की जानकारी से सभी स्तब्ध हैं। कोतवाल अनिल सिंंह ने बताया कि परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिया गया है। उधर जेलर श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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