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हत्या मामले में तीन भाईयों को आजीवन कारावास
Updated Fri, 28 Sep 2018 11:28 PM IST
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हत्या के मामले में तीन भाईयों को उम्रकैद की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। पुरानी रंजिश के चलते गांव के रास्ते में युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नामजद चौथे भाई के नाबालिग होने पर उसका के स अलग अदालत में चल रहा है। मामला पांच नवंबर 2014 का है।
शासकीय अधिवक्ता अवधेश यादव ने बताया कि बरगढ़ थाना क्षेत्र के हड़हा निवासी दीपक द्विवेदी पुत्र नंद लाल को गांव के गिरजेश उर्फ गिरीश द्विवेदी, सतीश द्विवेदी, विमल द्विवेदी व मनीष द्विवेदी पुत्रगण हीरामणि उर्फ उमाशंकर ने पुरानी रंजिश के चलते कोलहाई के पास घेरकर गोली से उड़ा दिया था। इसके बाद उसके चेहरे पर पत्थर से वार कर पहचान मिटाने का प्रयास किया था। घटना के बाद मृतक की मां उमा देवी ने चारो आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में तीन भाइयों के खिलाफ सुनवाई एडीजे कोर्ट में चल रही थी। चौथे आरोपी भाई मनीष के नाबालिग होने पर उसका मामला अलग कोर्ट में चल रहा है। शुक्रवार को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद एडीजे निहारिका चौहान ने तीनों सगे भाई गिरजेश, सतीश व विमल को आजीवन करावास की सजा सुनाई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। पुरानी रंजिश के चलते गांव के रास्ते में युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नामजद चौथे भाई के नाबालिग होने पर उसका के स अलग अदालत में चल रहा है। मामला पांच नवंबर 2014 का है।
शासकीय अधिवक्ता अवधेश यादव ने बताया कि बरगढ़ थाना क्षेत्र के हड़हा निवासी दीपक द्विवेदी पुत्र नंद लाल को गांव के गिरजेश उर्फ गिरीश द्विवेदी, सतीश द्विवेदी, विमल द्विवेदी व मनीष द्विवेदी पुत्रगण हीरामणि उर्फ उमाशंकर ने पुरानी रंजिश के चलते कोलहाई के पास घेरकर गोली से उड़ा दिया था। इसके बाद उसके चेहरे पर पत्थर से वार कर पहचान मिटाने का प्रयास किया था। घटना के बाद मृतक की मां उमा देवी ने चारो आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इस मामले में तीन भाइयों के खिलाफ सुनवाई एडीजे कोर्ट में चल रही थी। चौथे आरोपी भाई मनीष के नाबालिग होने पर उसका मामला अलग कोर्ट में चल रहा है। शुक्रवार को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद एडीजे निहारिका चौहान ने तीनों सगे भाई गिरजेश, सतीश व विमल को आजीवन करावास की सजा सुनाई है।
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