{"_id":"5c056541bdec2241a91136b6","slug":"121543857473-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना किनारे अवैध खनन पर छापेमारी, 21 पर रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
यमुना किनारे अवैध खनन पर छापेमारी, 21 पर रिपोर्ट दर्ज
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुना किनारे अवैध खनन पर छापेमारी, 21 पर रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। यमुना नदी से अवैध बालू ढुलान की लगातार शिकायत के बाद सोमवार तड़के जिला खनिज अधिकारी ने मऊ एसडीएम व थाना पुलिस टीम के साथ यमुना किनारे के बेनीपुर व पाली घाट पर छापेमारी की। टीम को देखते ही नाविक व मजदूर भाग निकले मौके पर कुछ बालू व मौरंग निकाली जा रही थी। जांच के बाद प्रयागराज व कौशांबी के दो पट्टाधारक व परदवां प्रधान के अलावा 18 नाविकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दस दिनों से लगातार मऊ क्षेत्र के यमुना नदी से कौशांबी व प्रयागराज क्षेत्र के पट़्टाधारक व बालू माफिया अवैध बालू ढुलान करा रहे थे। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर के निर्देश पर जांच टीम बनाई गई। जिसमें सोमवार को तड़के जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पंाडेय ने मऊ एसडीएम संदीप वर्मा के साथ मऊ थाने की पुलिस फोर्स लेकर बेनीपुर पाली घाट पहुंचे। वहां कुछ लोग बालू व मौरंग निकालकर नाव में रख रहे थे। पुलिस टीम को देखते ही सभी भागने लगे। सभी मजदूर व नाविक नाव से यमुना के उस पार कौशांबी जिले की ओर चले गए। इस बीच प्रतापपुर गांव के कई लोग मौके पर पहुंचे और टीम को बताया कि चोरी छिपे यमुना पार के लोग आकर नदी से बालू निकालते हैं। जिसमेें परदवां प्रधान की मिली भगत रहती है। प्रयागराज व कौशांबी के दो पट्टाधारक यह काम कराते हैं। उनकी नाव वालों से सांठगांठ है।
इसके बाद जिला खनिज अधिकारी पांडेय ने प्रयागराज व कौशांबी के दो अज्ञात पट्टाधारक व परदवां प्रधान के खिलाफ अवैध खनन कराने की रिपोर्ट मऊ थाने में दर्ज कराई। इसके अलावा 18 नाविक मजदूरों के खिलाफ भी इसमें शामिल होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
विज्ञापन
अवैध बालू खनन: 33 दिन में 51 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
चित्रकूट। यमुना नदी से अवैध रूप से बालू निकालने की लगातार शिकायतों पर जिला प्रशासन ने समय-समय पर कार्यवाही की। लेकिन खनन माफियाओं के हौसले नहीं टूटे। अक्सर इस क्षेत्र में कौशांबी व प्रयागराज क्षेत्र के पट्टाधारक या ठेकेदारों द्वारा बालू ढुलान की शिकायत आती रही हैं। 33 दिनों में विभाग ने 51 पट्टाधारक, मजदूर व नाविकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नवंबर माह की पहली तारीख को भी जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर के निर्देश पर जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पांडेय ने तत्कालीन मऊ एसडीएम सौजन्य कुमार व तत्कालीन थानाध्यक्ष संतशरण पुलिस टीम के साथ यमुना किनारे बियावल आदि घाटों पर छापेमारी की थी। मौके से सभी भाग गए थे लेकिन कौशांबी के पट्टाधारक श्रीमणि गुप्ता, अब्दुल समद व महेंद्र त्रिपाठी के अलावा 27 नाविक मजदूरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब 3 दिसंबर को फिर खनिज विभाग की टीम ने अवैध खनन की शिकायत पर छापेमारी की। मौके से कुछ मिला नहीं लेकिन ग्रामीणों से जानकारी के बाद प्रयागराज व कौशांबी के दो अज्ञात पट्टाधारक के अलावा परदवां प्रधान और 18 नाविक मजूदरों के खिलाफ अवैध खनन की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। यमुना नदी से अवैध बालू ढुलान की लगातार शिकायत के बाद सोमवार तड़के जिला खनिज अधिकारी ने मऊ एसडीएम व थाना पुलिस टीम के साथ यमुना किनारे के बेनीपुर व पाली घाट पर छापेमारी की। टीम को देखते ही नाविक व मजदूर भाग निकले मौके पर कुछ बालू व मौरंग निकाली जा रही थी। जांच के बाद प्रयागराज व कौशांबी के दो पट्टाधारक व परदवां प्रधान के अलावा 18 नाविकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दस दिनों से लगातार मऊ क्षेत्र के यमुना नदी से कौशांबी व प्रयागराज क्षेत्र के पट़्टाधारक व बालू माफिया अवैध बालू ढुलान करा रहे थे। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर के निर्देश पर जांच टीम बनाई गई। जिसमें सोमवार को तड़के जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पंाडेय ने मऊ एसडीएम संदीप वर्मा के साथ मऊ थाने की पुलिस फोर्स लेकर बेनीपुर पाली घाट पहुंचे। वहां कुछ लोग बालू व मौरंग निकालकर नाव में रख रहे थे। पुलिस टीम को देखते ही सभी भागने लगे। सभी मजदूर व नाविक नाव से यमुना के उस पार कौशांबी जिले की ओर चले गए। इस बीच प्रतापपुर गांव के कई लोग मौके पर पहुंचे और टीम को बताया कि चोरी छिपे यमुना पार के लोग आकर नदी से बालू निकालते हैं। जिसमेें परदवां प्रधान की मिली भगत रहती है। प्रयागराज व कौशांबी के दो पट्टाधारक यह काम कराते हैं। उनकी नाव वालों से सांठगांठ है।
विज्ञापन
इसके बाद जिला खनिज अधिकारी पांडेय ने प्रयागराज व कौशांबी के दो अज्ञात पट्टाधारक व परदवां प्रधान के खिलाफ अवैध खनन कराने की रिपोर्ट मऊ थाने में दर्ज कराई। इसके अलावा 18 नाविक मजदूरों के खिलाफ भी इसमें शामिल होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
विज्ञापन
अवैध बालू खनन: 33 दिन में 51 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
चित्रकूट। यमुना नदी से अवैध रूप से बालू निकालने की लगातार शिकायतों पर जिला प्रशासन ने समय-समय पर कार्यवाही की। लेकिन खनन माफियाओं के हौसले नहीं टूटे। अक्सर इस क्षेत्र में कौशांबी व प्रयागराज क्षेत्र के पट्टाधारक या ठेकेदारों द्वारा बालू ढुलान की शिकायत आती रही हैं। 33 दिनों में विभाग ने 51 पट्टाधारक, मजदूर व नाविकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नवंबर माह की पहली तारीख को भी जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर के निर्देश पर जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पांडेय ने तत्कालीन मऊ एसडीएम सौजन्य कुमार व तत्कालीन थानाध्यक्ष संतशरण पुलिस टीम के साथ यमुना किनारे बियावल आदि घाटों पर छापेमारी की थी। मौके से सभी भाग गए थे लेकिन कौशांबी के पट्टाधारक श्रीमणि गुप्ता, अब्दुल समद व महेंद्र त्रिपाठी के अलावा 27 नाविक मजदूरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब 3 दिसंबर को फिर खनिज विभाग की टीम ने अवैध खनन की शिकायत पर छापेमारी की। मौके से कुछ मिला नहीं लेकिन ग्रामीणों से जानकारी के बाद प्रयागराज व कौशांबी के दो अज्ञात पट्टाधारक के अलावा परदवां प्रधान और 18 नाविक मजूदरों के खिलाफ अवैध खनन की रिपोर्ट दर्ज की गई है।