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डीआरआई को मिला पुरस्कार
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चित्रकूट। भारतरत्न नानाजी देशमुख द्वारा स्थापित दीनदयाल शोध संस्थान को प्रतिष्ठित एनसीसी समष्टि सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत व एनसीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष पद्मश्री एवीएस राजू पुरस्कार प्रदान किया। संस्थान की ओर से संगठन सचिव अभय महाजन ने पुरस्कार स्वीकार किया। प्रशस्ति पत्र के साथ एक करोड़ रुपए भी पुरस्कार स्वरूप दिए गए।
डॉ भागवत ने पुरस्कार प्रदान करते हुए संस्थान के संस्थापक राष्ट्रऋषि नानाजी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश में सेवा व विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं। दीनदयाल शोध संस्थान उन्हीं की कल्पनाशीलता की एक कृति है। एनसीसी कंपनी, फाउंडेशन के अध्यक्ष व मुखिया राजू ने डीआरआई के कामकाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी टीम ने संस्थान का चयन देशभर में बहुत से संगठनों की समीक्षा करने के बाद किया है। नानाजी के नेतृत्व में संस्थान ने जिस तरह ग्राम विकास का मॉडल विकसित किया और उसके आधार पर विकास किया, वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि वे देशव्यापी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोफेशनलिज्म के आधार पर कह सकते हैं कि देश के अन्य संगठनों को डीआरआई के मॉडल से सीखने की जरूरत है।
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डॉ भागवत ने पुरस्कार प्रदान करते हुए संस्थान के संस्थापक राष्ट्रऋषि नानाजी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश में सेवा व विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं। दीनदयाल शोध संस्थान उन्हीं की कल्पनाशीलता की एक कृति है। एनसीसी कंपनी, फाउंडेशन के अध्यक्ष व मुखिया राजू ने डीआरआई के कामकाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी टीम ने संस्थान का चयन देशभर में बहुत से संगठनों की समीक्षा करने के बाद किया है। नानाजी के नेतृत्व में संस्थान ने जिस तरह ग्राम विकास का मॉडल विकसित किया और उसके आधार पर विकास किया, वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि वे देशव्यापी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोफेशनलिज्म के आधार पर कह सकते हैं कि देश के अन्य संगठनों को डीआरआई के मॉडल से सीखने की जरूरत है।
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