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लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में लगाई डुबकी
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चित्रकूट/खोही। धर्मनगरी में मौनी अमावस्या पर्व पर कोरोना गाइड लाइन को किनारे रख लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में आस्था की डुबकी लगाई। चित्रकूट-मध्य प्रदेश क्षेत्र में मेले पर प्रतिबंध होने के बावजूद पैदल ही श्रद्धालुओं का रेला कामदनाथ भगवान की परिक्रमा करने पहुंचा। हालांकि तीन साल पहले की मौनी अमावस्या के मुकाबले कम श्रद्धालु पहुंचे।
मंगलवार को मौनी अमावस्या पर्व पर श्रद्धालुओं ने सुबह मंदाकिनी नदी मेें स्नान कर पूजा-पाठ किया। इसके बाद रामघाट स्थित मत्यगजेंद्र नाथ में जलाभिषेक कर भगवान कामदनाथ के दर्शन कर पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। इसके बाद धर्मनगरी क्षेत्र के जानकीकुंड, गुप्तगोदावरी, भरतकूप आदि तीर्थ स्थानों के दर्शन किए। कोरोना काल के कारण एमपी क्षेत्र में मेला पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसी तरह यूपी क्षेत्र में श्रद्धालुओं से न आने की अपील की गई थी। मप्र-चित्रकूट क्षेत्र में प्रतिबंध के चलते बडे़ वाहनों का प्रवेश रोका। हालांकि पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को कहीं रोका नहीं गया। जहां कहीं भी अधिक श्रद्धालु दिखे तो वहां से हट जाने के लिए कहा गया। मेला क्षेत्र में मजिस्ट्रेटों व पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की गई थी। कुछ आश्रमों में भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।
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मंगलवार को मौनी अमावस्या पर्व पर श्रद्धालुओं ने सुबह मंदाकिनी नदी मेें स्नान कर पूजा-पाठ किया। इसके बाद रामघाट स्थित मत्यगजेंद्र नाथ में जलाभिषेक कर भगवान कामदनाथ के दर्शन कर पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। इसके बाद धर्मनगरी क्षेत्र के जानकीकुंड, गुप्तगोदावरी, भरतकूप आदि तीर्थ स्थानों के दर्शन किए। कोरोना काल के कारण एमपी क्षेत्र में मेला पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसी तरह यूपी क्षेत्र में श्रद्धालुओं से न आने की अपील की गई थी। मप्र-चित्रकूट क्षेत्र में प्रतिबंध के चलते बडे़ वाहनों का प्रवेश रोका। हालांकि पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को कहीं रोका नहीं गया। जहां कहीं भी अधिक श्रद्धालु दिखे तो वहां से हट जाने के लिए कहा गया। मेला क्षेत्र में मजिस्ट्रेटों व पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की गई थी। कुछ आश्रमों में भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।
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