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Chitrakoot News: टीजीटी सेंधमारी की जांच में अभ्यर्थी निर्दोष
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फतेहपुर का था रहने वाला, बंद होगी प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। टीजीटी में कथित सेंधमारी के मामले में प्राथमिकी की जांच में एक अभ्यर्थी के सभी कागजात, फेस स्कैन और बायोमीट्रिक मिलान सही पाए गए। अब उसके खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी को बंद किया जाएगा। मामला फतेहपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के जयराम नगर निवासी विवेक कुमार से जुड़ा है।
तीन जून को विवेक कुमार चित्रकूट इंटर कॉलेज में टीजीटी देने आया था। परीक्षा होने के बाद वह केंद्र से चला गया। हालांकि 15 मिनट बाद कार्यदायी संस्था के सीनियर मैनेजर गौरव ने केंद्र व्यवस्थापक रणवीर सिंह चौहान को फोन कर इस अभ्यर्थी के बारे में कुछ सूचना दी। सूचना पर केंद्र व्यवस्थापक ने सदर कोतवाली में विवेक कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से विवेक कुमार को रामघाट से पकड़ लिया। इसके बाद कार्यदायी संस्था की ओर से अभ्यर्थी के फोटो, हस्ताक्षर, फिंगरप्रिंट और आंखों की रेटिना का मिलान कराया गया। तकनीकी मिलान पाया गया कि परीक्षा देने वाला अभ्यर्थी वही है जिसके नाम पर प्रवेश पत्र जारी हुआ था। जांच में निर्दोष साबित होने के बाद पुलिस ने विवेक कुमार को छोड़ दिया है। कोतवाल दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था की जांच में अभ्यर्थी पर लगे आरोप निराधार पाए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। टीजीटी में कथित सेंधमारी के मामले में प्राथमिकी की जांच में एक अभ्यर्थी के सभी कागजात, फेस स्कैन और बायोमीट्रिक मिलान सही पाए गए। अब उसके खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी को बंद किया जाएगा। मामला फतेहपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के जयराम नगर निवासी विवेक कुमार से जुड़ा है।
तीन जून को विवेक कुमार चित्रकूट इंटर कॉलेज में टीजीटी देने आया था। परीक्षा होने के बाद वह केंद्र से चला गया। हालांकि 15 मिनट बाद कार्यदायी संस्था के सीनियर मैनेजर गौरव ने केंद्र व्यवस्थापक रणवीर सिंह चौहान को फोन कर इस अभ्यर्थी के बारे में कुछ सूचना दी। सूचना पर केंद्र व्यवस्थापक ने सदर कोतवाली में विवेक कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने सर्विलांस की मदद से विवेक कुमार को रामघाट से पकड़ लिया। इसके बाद कार्यदायी संस्था की ओर से अभ्यर्थी के फोटो, हस्ताक्षर, फिंगरप्रिंट और आंखों की रेटिना का मिलान कराया गया। तकनीकी मिलान पाया गया कि परीक्षा देने वाला अभ्यर्थी वही है जिसके नाम पर प्रवेश पत्र जारी हुआ था। जांच में निर्दोष साबित होने के बाद पुलिस ने विवेक कुमार को छोड़ दिया है। कोतवाल दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था की जांच में अभ्यर्थी पर लगे आरोप निराधार पाए गए हैं।
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