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Chitrakoot News: दुर्गम गांवों में बाइक एंबुलेंस सेवा से मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

Mon, 09 Mar 2026 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Mon, 09 Mar 2026 12:14 AM IST
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Bike ambulance service will provide better health facilities in remote villages.
चित्रकूट। ग्रामीण अंचलों के दुर्गम गांवों में अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। स्वास्थ्य विभाग उन गांवों में बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी में है, जहां सामान्य एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती हैं। इस पहल से दूरदराज के बीमार लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध हो सकेगा। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए यह योजना बनाई है।
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यह सेवा मानिकपुर और पाठा क्षेत्र के दुर्गम गांवों में शुरू होगी। इन गांवों में पक्की सड़कों का अभाव है। बड़ी गाड़ियां वहां आसानी से पहुंच नहीं पाती हैं। इससे मरीजों को अक्सर चिकित्सा सहायता के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। समय पर एंबुलेंस न पहुंचने से मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। कभी-कभार तो मरीज की जान भी चली जाती है। खनिज न्यास निधि से 25.84 लाख रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें बाइक एंबुलेंस और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीद होगी। बाइक एंबुलेंस एक फीडर एंबुलेंस के रूप में कार्य करेगी। यह मरीज को दुर्गम गांव से मुख्य सड़क तक लाएगी। (संवाद)
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वरीयता वाले क्षेत्र और सड़क विकास

मानिकपुर और पाठा के जंगली तथा पहाड़ी क्षेत्रों को वरीयता दी जाएगी। मडैयन, ऊंची धोबारा, गेडवारी, निही, चुरेह, केसरुआ के कई मजरे और टोले शामिल हैं। इन गांवों में आज भी पक्की सड़कें नहीं हैं। जिला प्रशासन प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना से सड़कों का जाल बिछा रहा है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे और चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं भी चल रही हैं। इससे जल्द ही यहां की मुख्य सड़कें बेहतर बनेंगी।
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बाइक एंबुलेंस की सुविधाएं

बाइक एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार किट जैसी आवश्यक सुविधाएं होंगी। इनमें ऑक्सीजन सिलिंडर भी उपलब्ध होगा। यह आपातकालीन स्थितियों में महत्वपूर्ण है। जीपीएस ट्रैकिंग सुविधा भी इन बाइकों में शामिल की जाएगी। इससे स्वास्थ्य विभाग उनके स्थान का वास्तविक समय में पता लगा सकेगा। यह सुविधा आपातकालीन प्रतिक्रिया को अधिक कुशल बनाएगी।





बोले जिम्मेदार----

मानिकपुर और पाठा में 40 फीसदी गांवों में पहुंच मार्ग नहीं है। इससे वहां पर सामान्य एंबुलेंस पहुंच नहीं पाती हैं। इन दुर्गम गांवों के लिए बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। 30 बाइक एंबुलेंस खरीदी जाएंगी। हर सीएचसी पर पांच-पांच बाइक एंबुलेंस तैनात रहेंगी।
- डॉ. भूपेश द्विवेदी, सीएमओ।
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