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आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है बालाजी मंदिर
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 12 Feb 2015 11:03 PM IST
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धुस मैदान स्थित प्राचीन बालाजी मठ (मंदिर) में नाथ
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संप्रदाय के विश्व योगी स्वामी मच्छिंद्र नाथ महाराज की मूर्ति स्थापना के
एक वर्ष पूर्ण होने पर तीन दिवसीय मूर्ति स्थापना महोत्सव चल रहा है।
महोत्सव के दूसरे दिन अनुष्ठान किए गए। गुरुदीक्षा देर शाम तक होती रही।
बालाजी मंदिर को स्वामी मंच्छिद्र नाथ महाराज ने ईसा से लगभग 5 हजार वर्ष पूर्व मठ के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने मंदिर में एक गादी का निर्माण कराया था।
वर्तमान में मंगल नाथ जी महाराज गादी का दायित्व संभाल रहे है। बालाजी मंदिर में नाथ गुरु एवं श्री मंहत स्वामी मंगलनाथ महाराज ने एक साल पहले स्वामी मच्छिंद्र नाथ महाराज की मूर्ति स्थापित की थी। मंगलनाथ महाराज ने मंदिर को आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बताया।
महोत्सव के दूसरे दिन स्वामी मंगलनाथ महाराज के सानिध्य में प्रात: स्मरण, महाभिषेक, विभूति अभिषेक, हनुमान स्मरण, रामरक्षा पाठ, राम जप साधना, श्री नारायण स्रोत, महाआरती एवं भजन-संकीर्तन कार्यक्रम हुए।
बालाजी मंदिर को स्वामी मंच्छिद्र नाथ महाराज ने ईसा से लगभग 5 हजार वर्ष पूर्व मठ के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने मंदिर में एक गादी का निर्माण कराया था।
वर्तमान में मंगल नाथ जी महाराज गादी का दायित्व संभाल रहे है। बालाजी मंदिर में नाथ गुरु एवं श्री मंहत स्वामी मंगलनाथ महाराज ने एक साल पहले स्वामी मच्छिंद्र नाथ महाराज की मूर्ति स्थापित की थी। मंगलनाथ महाराज ने मंदिर को आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बताया।
महोत्सव के दूसरे दिन स्वामी मंगलनाथ महाराज के सानिध्य में प्रात: स्मरण, महाभिषेक, विभूति अभिषेक, हनुमान स्मरण, रामरक्षा पाठ, राम जप साधना, श्री नारायण स्रोत, महाआरती एवं भजन-संकीर्तन कार्यक्रम हुए।