{"_id":"61058fba8ebc3eb9f5219a37","slug":"albendazole-will-be-fed-to-more-than-3-5-lakh-children-chitrakoot-news-knp643562968","type":"story","status":"publish","title_hn":"साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान दो अगस्त से प्रारंभ हो रहा है। कृमि नियंत्रण के लिए यह अभियान 11 अगस्त तक चलेगा। इसमें एक से 19 वर्ष तक के बालक बालिकाओं को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान दो अगस्त से प्रारंभ हो रहा है, जो 11 अगस्त तक चलेगा। इसमें आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर घर जाकर के पेट के कीड़े मारने वाली एल्बेंडाजोल की गोली एक से 19 साल तक के बालक और बालिकाओं को खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे बीमार हैं या अन्य कोई दवा ले रहे हैं। उन्हें कृमि नियंत्रण के लिए एल्बेंडाजोल की गोली नहीं खिलाई जाएगी। कुछ बच्चे जिनके पेट में कीड़े की मात्रा अधिक होती है, उन्हें दवा खाने के बाद जी मिचलाना, सिर दर्द, उल्टी, दस्त होना व थकान की शिकायत हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखना सामान्य बात है। कुछ समय बाद अपने आप यह ठीक हो जाते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि बच्चों के नंगे पैर खेलने, घूमने, बिना हाथ धोए खाना खाने, खुले में शौच करने, फल व सब्जियां बिना धोए खाने और दूषित खाना खाने से यह कृमि यानी पेट के कीड़े उत्पन्न होते हैं।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान दो अगस्त से प्रारंभ हो रहा है, जो 11 अगस्त तक चलेगा। इसमें आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर घर जाकर के पेट के कीड़े मारने वाली एल्बेंडाजोल की गोली एक से 19 साल तक के बालक और बालिकाओं को खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे बीमार हैं या अन्य कोई दवा ले रहे हैं। उन्हें कृमि नियंत्रण के लिए एल्बेंडाजोल की गोली नहीं खिलाई जाएगी। कुछ बच्चे जिनके पेट में कीड़े की मात्रा अधिक होती है, उन्हें दवा खाने के बाद जी मिचलाना, सिर दर्द, उल्टी, दस्त होना व थकान की शिकायत हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखना सामान्य बात है। कुछ समय बाद अपने आप यह ठीक हो जाते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि बच्चों के नंगे पैर खेलने, घूमने, बिना हाथ धोए खाना खाने, खुले में शौच करने, फल व सब्जियां बिना धोए खाने और दूषित खाना खाने से यह कृमि यानी पेट के कीड़े उत्पन्न होते हैं।
विज्ञापन