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Chitrakoot News: वेतन न मिलने पर अकाउंटेंट ने किया आत्महत्या का प्रयास
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फोटो 24 सीकेटीपी 29 अस्पताल में भर्ती खुदकुशी का प्रयास करने वाला लेखाकार। संवाद
= ढाई साल से बकाया वेतन भुगतान न किए जाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
शिवरामपुर (चित्रकूट)। वी-पैक्स सहकारी समिति के एक लेखाकार ने बुधवार सुबह जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। यह कदम उन्होंने पिछले ढाई वर्षों से वेतन न मिलने के कारण उठाया। उनकी हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
पथरौड़ी गांव निवासी सत्येंद्र विश्वकर्मा शिवरामपुर स्थित समिति में लेखाकार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बुधवार सुबह करीब दस बजे समिति परिसर में ही जहरीला पदार्थ खाया। तबीयत बिगड़ने पर समिति के अन्य कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। सत्येंद्र का आरोप है कि उन्हें पिछले ढाई वर्षों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि वेतन भुगतान के लिए अध्यक्ष और सचिव के हस्ताक्षर होने के बावजूद शाखा प्रबंधक से कई बार अनुरोध किया मगर भुगतान नहीं किया गया। सत्येंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने शाखा प्रबंधक हृदेंद्र कुमार जाटव से वेतन जारी करने की मांग की, तो उन्होंने मना कर दिया। इस बात से आहत होकर उन्होंने यह गंभीर कदम उठाया। इस मामले में सहकारिता विभाग के उपायुक्त राजेंद्र कुमार ने बताया कि वेतन देने का कार्य समिति की सचिव स्तर से होता है। उन्होंने विभाग को इस मामले में कभी अवगत नहीं कराया है। विभाग को इस घटना की जानकारी नहीं थी।
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वर्जन
कोऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक हृदेंद्र कुमार जाटव ने कहा, लेखाकार ने कोई दस्तावेज नहीं दिए हैं। कर्मचारी का मानदेय मार्जिन के आधार पर दिया जाता है और करीब एक साल का मानदेय शेष है। जाटव ने बताया कि सुबह कर्मचारी ने शाखा में जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे उल्टी कराकर अस्पताल ले जाया गया और पुलिस को भी सूचना दी गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराकर मानदेय दिया जाएगा और प्रताड़ित करने वालों पर कार्रवाई होगी।
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= ढाई साल से बकाया वेतन भुगतान न किए जाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
शिवरामपुर (चित्रकूट)। वी-पैक्स सहकारी समिति के एक लेखाकार ने बुधवार सुबह जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। यह कदम उन्होंने पिछले ढाई वर्षों से वेतन न मिलने के कारण उठाया। उनकी हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
पथरौड़ी गांव निवासी सत्येंद्र विश्वकर्मा शिवरामपुर स्थित समिति में लेखाकार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बुधवार सुबह करीब दस बजे समिति परिसर में ही जहरीला पदार्थ खाया। तबीयत बिगड़ने पर समिति के अन्य कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। सत्येंद्र का आरोप है कि उन्हें पिछले ढाई वर्षों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि वेतन भुगतान के लिए अध्यक्ष और सचिव के हस्ताक्षर होने के बावजूद शाखा प्रबंधक से कई बार अनुरोध किया मगर भुगतान नहीं किया गया। सत्येंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने शाखा प्रबंधक हृदेंद्र कुमार जाटव से वेतन जारी करने की मांग की, तो उन्होंने मना कर दिया। इस बात से आहत होकर उन्होंने यह गंभीर कदम उठाया। इस मामले में सहकारिता विभाग के उपायुक्त राजेंद्र कुमार ने बताया कि वेतन देने का कार्य समिति की सचिव स्तर से होता है। उन्होंने विभाग को इस मामले में कभी अवगत नहीं कराया है। विभाग को इस घटना की जानकारी नहीं थी।
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कोऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक हृदेंद्र कुमार जाटव ने कहा, लेखाकार ने कोई दस्तावेज नहीं दिए हैं। कर्मचारी का मानदेय मार्जिन के आधार पर दिया जाता है और करीब एक साल का मानदेय शेष है। जाटव ने बताया कि सुबह कर्मचारी ने शाखा में जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे उल्टी कराकर अस्पताल ले जाया गया और पुलिस को भी सूचना दी गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराकर मानदेय दिया जाएगा और प्रताड़ित करने वालों पर कार्रवाई होगी।
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