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कार्यशाला में मोतियाबिंद, ग्लोकोमा रेटिना पर चर्चा
Chitrakoot
Updated Fri, 30 May 2014 05:32 AM IST
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चित्रकूट। सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में 25, 26 मई को नेत्र सर्जरी के सीधे प्रसारण की दो दिवसीय कार्यशाला में मोतियाबिंद, ग्लोकोमा और रेटिना पर चर्चा हुई। कार्यशाला में कई प्रदेश के वरिष्ठ नेत्र चिकित्सकों ने सर्जरी के नई तकनीकी पर अपने विचार रखे।
चिकित्सालय में हुई कार्यशाला में मौजूद नेत्र चिकित्सकों ने लाइव सर्जरी के माध्यम से आंखों के उपचार, सर्जरी के बारे में बताया। दिल्ली की मिस वलसम्मा, डॉ. वी राजशेखर, मुंबई के डा. रंजीत मनियार, भोपाल के डा. हेमंत सिन्हा, झारखंड के डा. राजमोहन, ग्वालियर के डा. यूएस तिवारी ने अंधत्व निवारण के प्रति प्रयास के लिए डा. बीके जैन को धन्यवाद दिया। डा. जैन ने बताया पिछले 20 सालों से हम राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम से जुडे़ हैं। डा. राजशेखर ने बताया भारत की जनसंख्या के आधार पर इस समय एक करोड़ 20 लाख लोग अंधत्व से पीड़ित हैं। वलसम्मा डेनियल ने अंधत्व निवारण कार्यक्रम की सराहना की। कार्यशाला में मोतियाबिंद, ग्लोकोमा (सबलवाई), रेटिना की सर्जरी पर चर्चा की। कार्यशाला में नई तकनीकी से ऑपरेशन और इलाज के बारे में भी बताया गया। आखिरी में नेत्र चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक सेन ने आभार जताया।
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चिकित्सालय में हुई कार्यशाला में मौजूद नेत्र चिकित्सकों ने लाइव सर्जरी के माध्यम से आंखों के उपचार, सर्जरी के बारे में बताया। दिल्ली की मिस वलसम्मा, डॉ. वी राजशेखर, मुंबई के डा. रंजीत मनियार, भोपाल के डा. हेमंत सिन्हा, झारखंड के डा. राजमोहन, ग्वालियर के डा. यूएस तिवारी ने अंधत्व निवारण के प्रति प्रयास के लिए डा. बीके जैन को धन्यवाद दिया। डा. जैन ने बताया पिछले 20 सालों से हम राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम से जुडे़ हैं। डा. राजशेखर ने बताया भारत की जनसंख्या के आधार पर इस समय एक करोड़ 20 लाख लोग अंधत्व से पीड़ित हैं। वलसम्मा डेनियल ने अंधत्व निवारण कार्यक्रम की सराहना की। कार्यशाला में मोतियाबिंद, ग्लोकोमा (सबलवाई), रेटिना की सर्जरी पर चर्चा की। कार्यशाला में नई तकनीकी से ऑपरेशन और इलाज के बारे में भी बताया गया। आखिरी में नेत्र चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक सेन ने आभार जताया।
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