{"_id":"66edd21b4a171cb7c10f1714","slug":"40-villages-are-in-darkness-since-last-three-days-chitrakoot-news-c-215-1-sknp1043-109685-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: तीन दिन से 40 गांव में अंधेरा खर्च हो चुके 20 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: तीन दिन से 40 गांव में अंधेरा खर्च हो चुके 20 लाख
विज्ञापन
मानिकपुर/मऊ (चित्रकूट)। जिले में दो दिन की बारिश व तेज हवा के चलते पाठा क्षेत्र व मऊ क्षेत्र के 40 गांव की बिजली आपूर्ति बंद चल रही है। कस्बों में तो बिजली आ जाती है लेकिन इन गांव में तीसरे दिन भी बिजली न आने से किसान व ग्रामीणों की परेशानी बढी है। विभागीय दावा है कि 20 लाख रुपये से खंभे व तार मंगाकर काम जारी है लेकिन जमीनी हकीकत इससे दूर है।
मानिकपुर के सकरौंहा निवासी सुखराम व नंदकिशोर आदि का कहना है कि पहले तो नदी के बढऩे से आवागमन गांव के लोगों का ठप हो जाता है। अब बिजली भी कटी है। तीन दिन से उसके गांव समेत आस पास के 12 गांव में अंधेरा है। सकरौंहा फीडर खराब है। कई जगह नये बिजली के खंभे लगाये जा रहे हैं। बिजली न होने से मोबाइल भी चार्ज नहीं है इससे कभी किसी को जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं।
मऊ के टिकरा निवासी सुदीप कुमार व चुनकावन आदि ने बताया कि जिस दिन से ज्यादा बारिश हुई उस दिन से बरगढ क्षेत्र के 15 से अधिक गांव की बिजली खराब है।तीन दिनों में एक दिन सुबह बिजली आई लेकिन रात में गायब रहती है। बारिश का सीजन होने से जीव जंतुओं का भी खतरा गांव में बना रहता है।
विज्ञापन
इस क्षेत्र के तीन फीडर खराब होने व खंभे टूटने के बाद इसे बनाने का काम तो जारी है लेकिन तीन दिन में इसका खास प्रभाव नहीं दिखता। विभागीय अधिकारी कहते हैं कि लगभग बीस लाख रुपये से खंभे तार व अन्य सामग्री मंगाई जा चुकी है। इस संबध में अधिशाषी अभियंता दीपक सिंह ने बताया कि बारिश से बिजली आपूर्ति में प्रभाव पड़ा था। इसमें सुधार के हर प्रयास जारी हैं। कस्बों के बाद अब गांवों की आपूर्ति सही कराई जा रही है।
विज्ञापन
मानिकपुर के सकरौंहा निवासी सुखराम व नंदकिशोर आदि का कहना है कि पहले तो नदी के बढऩे से आवागमन गांव के लोगों का ठप हो जाता है। अब बिजली भी कटी है। तीन दिन से उसके गांव समेत आस पास के 12 गांव में अंधेरा है। सकरौंहा फीडर खराब है। कई जगह नये बिजली के खंभे लगाये जा रहे हैं। बिजली न होने से मोबाइल भी चार्ज नहीं है इससे कभी किसी को जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं।
विज्ञापन
मऊ के टिकरा निवासी सुदीप कुमार व चुनकावन आदि ने बताया कि जिस दिन से ज्यादा बारिश हुई उस दिन से बरगढ क्षेत्र के 15 से अधिक गांव की बिजली खराब है।तीन दिनों में एक दिन सुबह बिजली आई लेकिन रात में गायब रहती है। बारिश का सीजन होने से जीव जंतुओं का भी खतरा गांव में बना रहता है।
विज्ञापन
इस क्षेत्र के तीन फीडर खराब होने व खंभे टूटने के बाद इसे बनाने का काम तो जारी है लेकिन तीन दिन में इसका खास प्रभाव नहीं दिखता। विभागीय अधिकारी कहते हैं कि लगभग बीस लाख रुपये से खंभे तार व अन्य सामग्री मंगाई जा चुकी है। इस संबध में अधिशाषी अभियंता दीपक सिंह ने बताया कि बारिश से बिजली आपूर्ति में प्रभाव पड़ा था। इसमें सुधार के हर प्रयास जारी हैं। कस्बों के बाद अब गांवों की आपूर्ति सही कराई जा रही है।