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जब अपने ही बने कातिल : सात साल में पति,पत्नी, भाई और बेटे ने की 14 हत्याएं

Tue, 10 Mar 2026 02:04 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:04 AM IST
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When our own people became murderers: Husband, wife, brother and son committed 14 murders in seven years
-संपत्ति, शक और नशा बनी वजह, अपनों के हाथों उजड़ते गए परिवार
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अमरेंद्र पांडेय
पीडीडीयू नगर। जिले में पिछले सात वर्षों में पारिवारिक रिश्तों में हिंसा की घटनाएं बढ़ती चिंता का विषय बनती जा रही हैं। 14 मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्नी, भाई, पुत्र या अन्य करीबी रिश्तेदारों ने ही परिजनों की हत्या कर दी। इन घटनाओं ने समाज में रिश्तों के बदलते स्वरूप और बढ़ती पारिवारिक कलह पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार अधिकांश घटनाओं के पीछे संपत्ति विवाद, घरेलू कलह, शक, नशे की लत और रंजिश प्रमुख कारण रहे हैं। कई मामलों में मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया।
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हाल की घटनाओं ने फिर बढ़ाई चिंता
हाल ही में 5 मार्च 2026 को जलालपुर गांव में बड़े भाई विवेक सिंह ने संपत्ति के लालच में अपने छोटे भाई विशाल सिंह की सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी। इसी तरह 17 फरवरी को भीषमपुर गांव में सनी कुमार मौर्य ने अपनी पत्नी बबली गोंड की गला दबाकर हत्या कर दी। दोनों ने करीब ढाई साल पहले प्रेम विवाह किया था, लेकिन आपसी विवाद के चलते मामला खौफनाक अंजाम तक पहुंच गया।
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संपत्ति विवाद में भी हुई कई हत्याएं
19 सितंबर 2025 को सदर कोतवाली क्षेत्र के सिरसी गांव में सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर दंगल यादव (62) ने संपत्ति विवाद में अपने छोटे भाई अधिवक्ता कमला यादव (53) की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं 9 सितंबर 2022 को चिरवाटाड़ के जंगल में दिव्यांग रामकेवल चौहान की उनके ही भाई और भतीजे ने भूमि विवाद में लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी थी।
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पति-पत्नी के रिश्तों में भी बढ़ी हिंसा
जिले में पति-पत्नी के रिश्तों में भी कई बार विवाद खतरनाक रूप ले चुका है। 19 अगस्त 2025 को बथावर में पति भगवान दास ने कलह के चलते पत्नी क्रीमकला (30) की फावड़े से मारकर हत्या कर दी। इसी तरह 15 दिसंबर 2025 को शक के चलते एक पति ने अपनी पत्नी को शहद में जहर मिलाकर खिला दिया। इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि आरोपी पति की हालत गंभीर हो गई थी। 19 मार्च 2024 को सीहर गांव में इजहार अली उर्फ मुन्ना ने शराब के नशे में पत्नी निशा (28) से पैसे मांगने पर विवाद होने के बाद ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
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बेटे भी बने अपने माता-पिता के कातिल
12 फरवरी 2025 को मुगलसराय में बेटे राजेश ने शराब के नशे में पिता बाढ़ु की हथौड़ी से सिर कूंचकर हत्या कर दी। 1 सितंबर 2022 को बखरा-बिजुरिया वीर गांव में रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी राधेश्याम पटेल (80) की उनके ही बेटे अनिल ने गला रेतकर हत्या कर दी थी। वहीं 18 अप्रैल 2019 को शहाबगंज थाना क्षेत्र के कुआं गांव में बेटे अखिलेश ने अपनी मां तेतरा (60) को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला था।
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भतीजे ने चाचा की और छोटे ने बड़े भाई की हत्या की
21 जुलाई 2021 को अलीनगर थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव में गुड्डू चौहान की हत्या उनके ही भतीजे राजेश ने गोली मारकर कर दी थी। 31 अक्टूबर 2020 को धूरीकोट गांव में राकेश रौशन यादव की हत्या उनके छोटे भाई मुकेश यादव ने कर दी। मुकेश को शक था कि उसके भाई के उसकी पत्नी से अवैध संबंध हैं। 31 जनवरी 2021 को टांडा कला बाजार में होम्योपैथिक दवा की दुकान चलाने वाले अरुण शर्मा की हत्या उनकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कराई थी।

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कोट--
परिवार में संवाद की कमी, आर्थिक तनाव और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति रिश्तों को कमजोर कर रही है। पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाने की जरूरत है, ताकि छोटी-छोटी बातों को लेकर रिश्ते हिंसा का रूप न लें। समाज में जागरूकता और आपसी संवाद से ही ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
--डॉ. नितेश सिंह, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज, चंदौली
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