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Chandauli News: वाराणसी में अवैध, लेकिन चंदौली में धड़ल्ले से चल रहे कंडम विक्रम
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पीडीडीयू नगर के सर्कुलेटिंग एरिया में खड़े विक्रम। संवाद
पीडीडीयू नगर। जिन विक्रम वाहनों को वाराणसी में अवैध घोषित किया जा चुका है और उनके संचालन पर प्रतिबंध है, वही वाहन में धड़ल्ले से चल रहे हैं।
परिवहन विभाग के अभिलेखों में 201 विक्रम पंजीकृत हैं, जिनमें 50 से अधिक ऐसे हैं, जिनकी निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है। तीन महीने में सिर्फ 18 ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की गई है। कंडम घोषित हो चुके विक्रम अब भी पीडीडीयू नगर से लेकर चंदौली, सकलडीहा, चकिया और ग्रामीण इलाकों में सवारियां ढो रहे हैं।
जर्जर और पुराने वाहनों के संचालन से यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग के स्तर से कार्रवाई की रफ्तार भी इतनी धीमी है कि पिछले तीन माह में यातायात विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने या कंडम स्थिति में पाए गए महज 18 विक्रमों को सीज किया है।
जिले में विक्रम परिवहन का प्रमुख साधन हैं। सुबह से देर शाम तक सड़कों पर सवारियां लेकर दौड़ते नजर आते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में बसों की सीमित सुविधा के कारण बड़ी संख्या में लोग विक्रम पर निर्भर हैं। मियाद पूरी कर चुके वाहनों का संचालन यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ा रहा है।
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परिवहन विभाग के अभिलेखों में 201 विक्रम पंजीकृत हैं, जिनमें 50 से अधिक ऐसे हैं, जिनकी निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है। तीन महीने में सिर्फ 18 ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की गई है। कंडम घोषित हो चुके विक्रम अब भी पीडीडीयू नगर से लेकर चंदौली, सकलडीहा, चकिया और ग्रामीण इलाकों में सवारियां ढो रहे हैं।
जर्जर और पुराने वाहनों के संचालन से यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग के स्तर से कार्रवाई की रफ्तार भी इतनी धीमी है कि पिछले तीन माह में यातायात विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने या कंडम स्थिति में पाए गए महज 18 विक्रमों को सीज किया है।
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जिले में विक्रम परिवहन का प्रमुख साधन हैं। सुबह से देर शाम तक सड़कों पर सवारियां लेकर दौड़ते नजर आते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में बसों की सीमित सुविधा के कारण बड़ी संख्या में लोग विक्रम पर निर्भर हैं। मियाद पूरी कर चुके वाहनों का संचालन यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ा रहा है।
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