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समस्याएं हुईं तो स्कूल होंगे डिबार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sun, 27 Dec 2015 01:44 AM IST
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माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक शनिवार को महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज सभागार में हुई। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक डा. मालती राय ने आगामी बोर्ड परीक्षा के बाबत प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया।
कहा कि यदि बोर्ड परीक्षा में केंद्रों पर समस्याएं मिलीं तो उन विद्यालयों को डिबार घोषित कर दिया जाएगा। डा. राय ने कहा कि केंद्र बनाए गए विद्यालयों के प्रधानाचार्य यह तय कर लें कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
केंद्र पर बिजली, पानी और फर्नीचर संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। यदि ऐसा मामला सामने आया तो उक्त केंद्र को डिबार कर दिया जाएगा।
उन्होंने राजकीय विद्यालयों में एसएमडीसी समिति के गठन का भी निर्देश दिया। उन्होंने दैवीय आपदा से निबटने के लिए विद्यालय के छात्रों को अग्निशमन यंत्र के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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कहा कि हर हाल में चार जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाओं को पूरा कर लिया जाए। छात्रवृत्ति आवेदन में हो रही गड़बड़ियों को दूर करने के लिए भी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया।
प्रधानाचार्य डा. रामचंद्र शुक्ल ने बताया कि बताया कि नई व्यवस्था के तहत कक्षा ग्यारह और बारह के पाठ्यक्रम को अलग-अलग कर दिया गया है। इसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
प्रधानाचार्य नए पाठ्यक्रम के तहत ग्यारहवीं की वार्षिक परीक्षा संपन्न कराएंगे। इस अवसर पर उर्मिला चौधरी, पूनम सिंह, शकुंतला, रामकृपनाल, बलवंत सिंह, प्रताप राय, धनंजय सिंह आदि उपस्थित रहे।
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कहा कि यदि बोर्ड परीक्षा में केंद्रों पर समस्याएं मिलीं तो उन विद्यालयों को डिबार घोषित कर दिया जाएगा। डा. राय ने कहा कि केंद्र बनाए गए विद्यालयों के प्रधानाचार्य यह तय कर लें कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
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केंद्र पर बिजली, पानी और फर्नीचर संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। यदि ऐसा मामला सामने आया तो उक्त केंद्र को डिबार कर दिया जाएगा।
उन्होंने राजकीय विद्यालयों में एसएमडीसी समिति के गठन का भी निर्देश दिया। उन्होंने दैवीय आपदा से निबटने के लिए विद्यालय के छात्रों को अग्निशमन यंत्र के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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कहा कि हर हाल में चार जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाओं को पूरा कर लिया जाए। छात्रवृत्ति आवेदन में हो रही गड़बड़ियों को दूर करने के लिए भी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया।
प्रधानाचार्य डा. रामचंद्र शुक्ल ने बताया कि बताया कि नई व्यवस्था के तहत कक्षा ग्यारह और बारह के पाठ्यक्रम को अलग-अलग कर दिया गया है। इसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
प्रधानाचार्य नए पाठ्यक्रम के तहत ग्यारहवीं की वार्षिक परीक्षा संपन्न कराएंगे। इस अवसर पर उर्मिला चौधरी, पूनम सिंह, शकुंतला, रामकृपनाल, बलवंत सिंह, प्रताप राय, धनंजय सिंह आदि उपस्थित रहे।