{"_id":"332a216892bca7812fcff3cdcfadadb0","slug":"the-scene-of-terrible-flash-floods-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भयावह था बादल फटने का मंजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भयावह था बादल फटने का मंजर
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2015 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सकलडीहा। चतुर्भुजपुर से अमरनाथ यात्रा पर गए दर्शनार्थियों का जत्था
विज्ञापन
मंगलवार को सकुशल लौट आया। पिछले दिनों दर्शनार्थी बाल टाल में बादल फटने
से फंस गए थे।
यात्रियों के सकुशल वापसी से न सिर्फ परिवार वाले खुश है बल्कि प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। यात्रियों के सकुशल लौटने पर सपा जिलाध्यक्ष ने पहुंच कर हाल चाल लिया।
माह के शुरूआत में चतुर्भुजपुर से अनिल गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद यादव, अरूण गुप्ता, त्रिभुवन यादव, अभ्यानंद यादव, विनोद यादव, शेरू चौहान, अनिल गुप्ता, सोनू कुमार व दीपक कुमार अमरनाथ यात्रा पर गए थे। दर्शन के बाद वापस लौटते समय पंद्रह जुलाई को रास्ते में बादल फटने से बाल टाल में यह जत्था फंस गया।
यात्रियों का दल 48 घंटे तक फंसा रहा। युवकों ने घर फोन कर बताया तो यहां भी परिवार वाले परेशान हो गए। जिला प्रशासन भी इसको लेकर सतर्क हो गया। बाद में सेना के जवानों ने यात्रियों को बाहर निकाला। जीवन और मौत के बीच लंबे संघर्ष के बाद बच कर निकले यात्री मंगलवार को घर लौट आए।
दर्शनार्थियों के वापस लौटने की खबर मिलते ही पूरे इलाके में खुशी की लहर हो गई और हाल चाल लेने के लिए लोगों का हुजूम एकत्र हो गया। सपा जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर ने भी पहुंच कर हाल चाल जाना। यात्रा से वापस लौटे के बाद सभी रहत महसूस कर रहे थे।
यात्रियों के सकुशल वापसी से न सिर्फ परिवार वाले खुश है बल्कि प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। यात्रियों के सकुशल लौटने पर सपा जिलाध्यक्ष ने पहुंच कर हाल चाल लिया।
माह के शुरूआत में चतुर्भुजपुर से अनिल गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद यादव, अरूण गुप्ता, त्रिभुवन यादव, अभ्यानंद यादव, विनोद यादव, शेरू चौहान, अनिल गुप्ता, सोनू कुमार व दीपक कुमार अमरनाथ यात्रा पर गए थे। दर्शन के बाद वापस लौटते समय पंद्रह जुलाई को रास्ते में बादल फटने से बाल टाल में यह जत्था फंस गया।
यात्रियों का दल 48 घंटे तक फंसा रहा। युवकों ने घर फोन कर बताया तो यहां भी परिवार वाले परेशान हो गए। जिला प्रशासन भी इसको लेकर सतर्क हो गया। बाद में सेना के जवानों ने यात्रियों को बाहर निकाला। जीवन और मौत के बीच लंबे संघर्ष के बाद बच कर निकले यात्री मंगलवार को घर लौट आए।
दर्शनार्थियों के वापस लौटने की खबर मिलते ही पूरे इलाके में खुशी की लहर हो गई और हाल चाल लेने के लिए लोगों का हुजूम एकत्र हो गया। सपा जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर ने भी पहुंच कर हाल चाल जाना। यात्रा से वापस लौटे के बाद सभी रहत महसूस कर रहे थे।