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खंभा लगा न तार, बिल लगातार, सरकार को लगी एक लाख की चपत
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बिजली विभाग का हाल यह है कि न खंभा लगाया, न तार खींचा लेकिन बिल जरूर भेंज दिया। मामला बरहनी गांव स्थित खंड विकास कार्यालय का है। ब्लाक कार्यालय के लिए विद्युत कनेक्शन के लिए जनवरी 2020 में आवेदन किया गया था लेकिन बिजली विभाग द्वारा न तो खंभा लगाया गया और न ही तार खींचकर कनेक्शन किया गया। विडंबना यह कि बिना मीटर लगे बिजली विभाग की ओर से एक लाख से ज्यादा का बिल भेज दिया गया। सबसे आश्चर्य कि बात यह है कि ब्लाक कार्यालय ने बीते मार्च माह में बिजली बिल का भुगतान भी कर दिया जिससे बिना बिजली का उपभोग किए ही सरकार को एक लाख रुपये की चपत लग गई।
ब्लाककर्मी जहां बिजली न मिलने से विभागीय कार्य बाधित होने का रोना रो रहे हैं वहीं बिजली बिल का एक लाख आठ हजार रुपये भुगतान कर दिया जा रहा है। यह हाल तब है जब विभागीय कार्य सैयदराजा से संचालित किया जाता है। बिल के साथ ही ब्लाक कार्यालय में लगने वाले मीटर के लिए भी भुगतान कर दिया गया लेकिन डेढ़ वर्ष का समय बीतने के बाद भी बिजली विभाग ने न तो खंभा लगाया और न ही तार खींचे। बिजली के अभाव में कार्यालय में कंप्यूटर सहित अन्य विद्युत संचालित उपकरण नहीं लग पाए हैं। लगे उपकरण भी बिजली के अभाव में शो पीस बनकर रह गए हैं। जिला पंचायत सदस्य संध्या सिंह, रीना त्रिपाठी, सीमा सिंह, रविंद्र त्रिपाठी, भगवती त्रिपाठी, इंदल सिंह बाबा, अरुण सिंह, रविशंकर सिंह, बृजेश यादव आदि ने मामले कि गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी से जांच कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में बीडीओ बरहनी एमपी चौबे का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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ब्लाककर्मी जहां बिजली न मिलने से विभागीय कार्य बाधित होने का रोना रो रहे हैं वहीं बिजली बिल का एक लाख आठ हजार रुपये भुगतान कर दिया जा रहा है। यह हाल तब है जब विभागीय कार्य सैयदराजा से संचालित किया जाता है। बिल के साथ ही ब्लाक कार्यालय में लगने वाले मीटर के लिए भी भुगतान कर दिया गया लेकिन डेढ़ वर्ष का समय बीतने के बाद भी बिजली विभाग ने न तो खंभा लगाया और न ही तार खींचे। बिजली के अभाव में कार्यालय में कंप्यूटर सहित अन्य विद्युत संचालित उपकरण नहीं लग पाए हैं। लगे उपकरण भी बिजली के अभाव में शो पीस बनकर रह गए हैं। जिला पंचायत सदस्य संध्या सिंह, रीना त्रिपाठी, सीमा सिंह, रविंद्र त्रिपाठी, भगवती त्रिपाठी, इंदल सिंह बाबा, अरुण सिंह, रविशंकर सिंह, बृजेश यादव आदि ने मामले कि गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी से जांच कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में बीडीओ बरहनी एमपी चौबे का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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