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विश्वास से ही मिलता है प्रभु दर्शन
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Mon, 26 Jan 2015 01:28 AM IST
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विश्वास ही ऐसी चीज है जिसे पाकर जीव धन्य होने के साथ प्रभु दर्शन का
अधिकारी भी हो जाता है।
यदि आज कि पीढ़ियां उसे अपना ले तो उसका जीवन धन्य हो जाएगा। यह उद्गार रविवार को कसवढ़-डेहरियाडीह शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे प्रवचन के दौरान मानस मर्मज्ञ मारुति किंकर जी महराज ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर कहा कि भगवान श्रीराम के भक्तों में शबरी एक ऐसी भक्त थी। जो बाल्यावस्था से ही भगवान की भक्ति में लीन हो गई थी। भगवान राम की प्रतीक्षा करते-करते वह वृद्धावस्था तक जा पहुंची और अंतत: प्रभु का दर्शन पाकर धन्य हो गई।
उन्होंने कहा कि शबरी को विश्वास था कि एक दिन भगवान उससे मिलने अवश्य आएंगे। मतंग ऋषि ने शबरी से कहा था कि बेटी तेरे घर एक दिन भगवान अवश्य आएंगे। इसी विश्वास के साथ शबरी बाल्यावस्था से वृद्धावस्था तक भगवान के आने का इंतजार किया।
प्रवचन के दौरान चंद्रमौली मुनि उदासीन, दिनेश मुनि उदासीन, चंद्रशेखर उपाध्याय, ज्ञानेंद्र यादव ज्ञानू, हरिश सिंह, हरिद्वार उपाध्याय, सतीश सिंह, जय प्रकाश सिंह, अनुज यादव, प्रभाकर दूबे, विकास दूबे, नागेंद्र सिंह, नंदू गुप्ता शेष नारायन सिंह एवं राधेश्याम सिंह आदि मौजूद रहे।
यदि आज कि पीढ़ियां उसे अपना ले तो उसका जीवन धन्य हो जाएगा। यह उद्गार रविवार को कसवढ़-डेहरियाडीह शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे प्रवचन के दौरान मानस मर्मज्ञ मारुति किंकर जी महराज ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर कहा कि भगवान श्रीराम के भक्तों में शबरी एक ऐसी भक्त थी। जो बाल्यावस्था से ही भगवान की भक्ति में लीन हो गई थी। भगवान राम की प्रतीक्षा करते-करते वह वृद्धावस्था तक जा पहुंची और अंतत: प्रभु का दर्शन पाकर धन्य हो गई।
उन्होंने कहा कि शबरी को विश्वास था कि एक दिन भगवान उससे मिलने अवश्य आएंगे। मतंग ऋषि ने शबरी से कहा था कि बेटी तेरे घर एक दिन भगवान अवश्य आएंगे। इसी विश्वास के साथ शबरी बाल्यावस्था से वृद्धावस्था तक भगवान के आने का इंतजार किया।
प्रवचन के दौरान चंद्रमौली मुनि उदासीन, दिनेश मुनि उदासीन, चंद्रशेखर उपाध्याय, ज्ञानेंद्र यादव ज्ञानू, हरिश सिंह, हरिद्वार उपाध्याय, सतीश सिंह, जय प्रकाश सिंह, अनुज यादव, प्रभाकर दूबे, विकास दूबे, नागेंद्र सिंह, नंदू गुप्ता शेष नारायन सिंह एवं राधेश्याम सिंह आदि मौजूद रहे।