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Chandauli News: पशु आश्रय का हाल, हरे चारे बिन बेजुबान बेहाल

Sun, 24 Sep 2023 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Sep 2023 12:28 AM IST
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The condition of animal shelter, without green fodder the voiceless are helpless.
पीडीडीयू नगर। जिले में छुट्टा पशुओं को रखने के लिए दो स्थाई और 15 अस्थाई पशु आश्रय केंद्र बनाए गए हैं। पशु पालन विभाग के अनुसार इन आश्रय केंद्रों पर वर्तमान में करीब 1700 पशु रखे गए हैं। शासन के निर्देशानुसार जिले में नए आश्रय केंद्रों को बनाने की तैयारी भी चल रही है। बावजूद इसके विभाग की आधी-अधूरी तैयारी के कारण बनाए गए पशु आश्रय केंद्रों में पशुओं को रखे जाने की व्यवस्थाओं में कमी दिख रही है।
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बरसात के दिनों में किसी आश्रय केंद्र में पानी भर गया है तो किसी में चारा आदि पहुंचाने का रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। आश्रय केंद्रों पर पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल में भी कोताही बरती जा रही है। गर्मी में भी पशु आश्रय स्थलों को टिन शेड से ढंके जाने का कार्य भी पूरा नहीं किया गया था। कई आश्रयस्थलों पर लगे टिन शेड आंधी में उड़ गए थे जिन्हे दोबारा लगाया नहीं गया है। इससे बरसात होने पर पानी भर जा रहा है। वहीं इन दिनों कई आश्रय स्थलों पर पशुओं के लिए हरा चारा की व्यवस्था भी नहीं हो पाई है।
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इनसेट.........
आश्रय स्थल पर हरे चारे का अभाव

ताराजीवनपुर। क्षेत्र के ककरहीकला में बने पशु आश्रय केंद्र में 45 पशु रखे गए हैं। केंद्र तक अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं होने से पेयजल के साथ ही अन्य समस्या हो रही है। हालांकि जनरेटर से काम किसी प्रकार चलाया जा रहा है। हरा चारा की अभी तक व्यवस्था नहीं की जा सकी है। वहीं पटपरा स्थित पशु आश्रय केंद्र में 61 पशु रखे गए हैं। यहां जगह होने के बावजूद अभी तक हरा चारा की व्यवस्था नहीं की गई है। शवदाह स्थल नहीं बन पाने से पशुओं की मौत होने पर उन्हें जमीन में दफनाना पड़ता है। इससे दुर्गंध उठने के कारण संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा सता रहा है। इस संबंध में पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ राजकुमार यादव ने बताया कि ककरहीकला पशु आश्रय केंद्र में बिजली की समस्या है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जनरेटर का इंतजाम किया गया है ।
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इनसेट.........
रास्ता बदहाल होने से चारा पहुंचाने में हो रही कठिनाई

धीना। बरहनी विकासखंड के सलेमपुर में बने पशु आश्रय केंद्र में 57 पशु रखे गए हैं। केंद्र तक तक जाने वाले रास्ते पर इन दिनों बरसात का पानी व कीचड़ भरा हुआ है। इससे आश्रय केंद्र तक पहुंचना कठिन हो गया है। इस कच्चे रास्ते पर बरसात व नहर का पानी बह रहा है। पानी भरे रास्ते को पार कर केंद्र तक चारा, भूसा खली व चुन्नी पहुंचाना असंभव हो गया है क्योंकि वाहन जा ही नहीं पा रहे हैं। रास्ता खराब होने से केंद्र पर डॉक्टर व अधिकारी भी नहीं आ रहे हैं। बीडीओ बरहनी राजेश नायक ने बताया कि आश्रम केंद्र के रास्ते पर खड़ंजा लगवाने की कार्यवाही की जा रही है। शीघ्र ही रास्ते की मरम्मत करा दी जाएगी।

इनसेट.......
बरसात के पानी में दिन-रात खड़े रहते हैं पशु

चहनिया। क्षेत्र के सर्वानंदपुर पशु आश्रय केंद्र पर वर्तमान में 109 पशु रखे गए हैं। पशुओं के देखभाल के लिए तीन शिफ्ट में नौ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। केंद्र पर भूसा व हरे चारे की व्यवस्था तो ठीक है लेकिन रखरखाव की दुर्व्यवस्था है। आश्रय स्थल को ढंकने के लिए लगाए गए पर्दे फट गए हैं। इससे जरा सी बरसात होने पर भी केंद्र में पानी भर जाता है जिससे पशुओं को दिन-रात खड़े रहना पड़ता है।


कोट........
सभी पशु आश्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बरसात के दिनों में पशुओं को परेशानी न होने पाए। इस संबंध में बृहस्पतिवार को सीवीओ कार्यालय में बैठक भी की गई है। शीघ्र ही सभी पशु आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं ठीक करा दी जाएंगे।-डॉ. महेश चंद्रा, सहायक पशु चिकित्साधिकारी।

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